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अगर आपके घर में भी है एक्वेरियम तो मछली मरने के बाद जरूर करें ये एक काम

अगर आपके घर में भी है एक्वेरियम तो मछली मरने के बाद जरूर करें ये एक काम

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भोपाल। 'एक्वेरियम' इस शब्द को लोग वास्तुशास्त्र से ज्यादा अब घर के इंटीरियर को यूनिक लुक देने के लिए जानते हैं। एक्वेरियम में दौड़ती रंग-बिरंगी तितलियां डैकोरेशन का हिस्सा तो है ही लेकिन उससे ज्यादा फेंगशुई वास्तुशास्त्र में इन्हें घर के वास्तु से जोड़कर देखा जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार अगर घर में एक्वेरियम को सही दिशा में लगाया जाएं तो घर के सदस्यों के ऊपर आने वाली बड़ी परेशानियों को ये अपने ऊपर ले लेती हैं। शहर के ज्योतिष पंडित जगदीश शर्मा के मुताबिक घर में एक्वेरियम को रखने से घर का माहौल भी खुशनुमा बना रहता है। कई बार लोग घर में एक्वेरियम रखते समय कई ऐसी गलतियां करते है जिनसे घर के वास्तु पर गलत प्रभाव भी पड़ता है। एक्वेरियम रखते समय जरूर ध्यान रखें ये बातें...

- एक्वेरियम रखते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि इसे पूर्व, उत्तर और पूर्व-उत्तर की दिशा में ही रखें। कहा जाता है कि इस दिशा में एक्वेरियम रखने से शुभ संकेत मिलते रहते हैं।

- इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अगर आप नॉनवेज ( मछली) खाते हैं तो घर में एक्वेरियम न रखें।

- एक्वेरियम को कभी भी किचन के पास न रखें। किचन के पास एक्वेरियम रखने से घर में नकारात्मकता फैलती है।

- वास्तुशास्त्र के अनुसार एक्वेरियम का पानी रोज बदलने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेजी से होता है।

- जब भी आप एक्वेरियम खरीदे तो ध्यान रखें कि ये न सोचे आप घर की शोभा बढ़ाने के लिए इसे खरीद रहे हैं। क्योंकि एक्वेरियम खरीदते हुए आपकी जिम्मेदारी मछलियों के प्रति भी बढ़ जाती है।

- एक्वेरियम में कभी भी अगर मछली मर जाए तो उसे कभी भी किसी नाली में ने फेंके। इसे सदैव किसी तालाब में जाकर फेंके।

- एक्वेरियम में सदैव मछली की संख्या नौ रखें। जिनमें से 8 मछली लाल और सुनहरे रंग की और 1 मछली काले रंग की रखें। वास्तु के अनुसार इसे शुभ माना जाता है।

- एक्वेरियम को अगर प्राकृतिक रोशनी के नीचे रखेंगे तो मैंटली स्ट्रैस कम होता है। एक्वेरियम के अंदर बहते पानी की आवाज से घर में सकारात्मक एनर्जी का प्रवाह होता है।