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दमा और खांसी को दो दिन में दूर कर देगा ये एक फूल, जानिए कैसे

दमा और खांसी को दो दिन में दूर कर देगा ये एक फूल, जानिए कैसे

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genda flower

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भोपाल। बारिश का मौसम है, इस मौसम में हमें गेंदा यानी हजारे के पौधे और फूल काफी देखने को मिल जाएंगे। ये फूल जहां माला में शामिल होकर हमारा सम्मान बढ़ाते हैं, वहीं इनमें हमारी सेहत बढ़ाने के गुण भी हैं। हजारे के फूल सेहत का खजाना है। इनके इस्तेमाल से हम अपनी सेहत संबंधी कई फायदे हासिल कर सकते हैं। यह फूल एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर है। इन फूलों में हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करने का गुण होता है। बुखार, खांसी-जुकाम, दाद, चोट, बवासीर, दांत में दर्द, कान में दर्द में ही गेंदे का फूल फायदा नहीं पहुंचाता, बल्कि इसमें इंफेक्शन दूर करने, रक्तस्राव रोकने, सूजन में फायदा पहुंचाने सहित कई सारे गुण होते हैं।

दमा-खांसी में

दमा और खांसी में यह फूल फायदेमंद होते हैं। गेंदे के बीजों को बराबर मिश्री के साथ पीस लें। फिर एक चम्मच की मात्रा में एक कप पानी के साथ दिन में तीन बार पीएं। दमा और खांसी से राहत मिलेगी।

जलन होने पर

इसके फूलों की चाय बनाकर पी जा सकती है। इससे पेट में जलन संबंधी परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

दांत में दर्द

आपके दांत में दर्द है तो गेंदे के पत्ते का काढ़ा बनाएं और फिर उससे कुल्ला करें।

फोड़ा हो गया है तो...

आपके फोड़ा, फुंसी या घाव हो गया तो आप गेंदे के पत्ते पीस कर फोड़े-फुंसी और घावों पर तीन बार लगाएं। आप फूलों को पीसकर भी घाव पर लगा सकते हैं। आपको इन परेशानियों में आराम मिलेगा।

पेशाब संबंधी परेशानी

पेशाब संबंधी परेशानी है तो आप 10 ग्राम गेंदे के पत्ते पीसकर इसके रस में मिश्री मिला लें। दिन में तीन बार पीएं।

कान दर्द

गेंदे के पत्तों का रस हल्का गरम करके कान में 2-3 बूंद डालें। कान दर्द दूर होगा।

चोट व सूजन में

गेंदा चोट, मोच आने या फिर सूजन में भी दर्द में आराम देता है। आप गेंदे की जड़, पत्ता, तना, फूल और फल सबको मिलाकर रस निकालें और फिर इसे चोट, मोच, सूजन पर मालिश करें। आपको फायदा होगा।

आप न लें गेंदा

गर्भवती महिला, दुग्धपान करवाने वाली महिलाएं, जिनको फूलों से एलर्जी होती हैं, वे गेंदे को किसी भी रूप में लेने से बचना चाहिए। कोई परेशानी हल होने के बजाय बढ़ सकती है। बेहतर तो यह है कि कोई भी नुस्खा अपनाने से पहले चिकित्सक की राय जरूर ले लें। गेंदे के पत्तों का रस निकालकर पीने से बवासीर के रक्त से छुटकारा मिलेगा।