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स्मारक से लिपटकर खूब रोई भय्यू महाराज की बेटी कुहू, बोली- मैं नहीं हटूंगी

स्मारक से लिपटकर खूब रोई भय्यू महाराज की बेटी कुहू, बोली- मैं नहीं हटूंगी

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Bhaiyyu Maharaj

Bhaiyyu Maharaj

इंदौर/ शुजालपुर। बीते दिन संत भय्यूजी महाराज की अस्थि कलश के साथ श्रद्धांजलि यात्रा निकाली गई। इस श्रद्धांजलि यात्रा में भय्यूजी महाराज की बेटी कुहू भी शामिल हुई। श्रद्धांजलि यात्रा के बाद पैतृक खेत पर स्मारक के रूप में छत्री निर्माण स्थल का भूमिपूजन कराया गया लेकिन इस भूमि पूजन से पहले कुहू मां माधवी की समाधि पर गई और स्मारक से लिपटकर काफी देर तक रोती रही। इस दौरान जब लोगों ने कुहू को वहां से ले जाने की कोशिश की तो कुहू ने कहा कि , " मैं यहां से नहीं जाऊंगी, मेरे जाने के बाद ये लोग आई-बाबा के फोटो को फाड़ देंगे। इस दौरान कुहू ने किसी का नाम नहीं लिया कि कौन उनके आई-बाबा का फोटो फाड़ देगा।

दूसरी पत्नी आयुषी भी हुई शामिल

भय्यूजी महाराज की दूसरी पत्नी आयुषी भी इसमें शामिल हुई। आयुषी भी भय्यूजी महाराज की पहली पत्नी और कुहू की मां माधवी की समाधि पर फूल अर्पण करने पहुंची। बता दें की भय्यूजी महाराज की मृत्यु के बाद पूरा परिवार एक साथ शुजालपुर पहुंचा था। इस दौरान भय्यू महाराज के पिता विश्वासराव देशमुख की समाधि में भी पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ही कुहू अपनी मां की समाधि के पास गई और काफी देर तक लिपट के रोती रही। भय्यूजी महाराज की मौत के बाद कई बार ऐसा हुआ है कि आयुषी और कुहू एक दूसरे के सामने पड़े हैं लेकिन दोनों ने ही एक-दूसरे से कभी नजरें नहीं मिलाई।

पहले भी यहां आ चुकी है कुहू

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि कुहू शुजालपुर पहुंची हो, इससे पहले बीते साल कुहू तीन बार यहां पर आ चुकी है। दादा विश्वासराव देशमुख की स्मृति पूजन में भी कुहू यहां पर आई थी। उसके बाद अपनी मां माधवी की स्मृति में भी वो यहां पर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि सुबह 11 बजे भय्यूजी महाराज के पैत्रक निवास सैकड़ों लोग अंतिम दर्शन व श्रद्धांजलि के लिए जमा हो गए थे। अस्थि कलश पहुंचने के बाद लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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