
भोपाल। देशभर में अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवावरण अधिनियम का विरोध अब मध्यप्रदेश राजधानी भोपाल में भी शुरू हो गया। विरोध के चलते जहां न्यू मार्केट की दुकाने बंद रही वहीं बोर्ड आफिस चौराहे पर बसपा कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए बोर्ड आफिस चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनाक कर दिये गए। भारत बंद के ऐलान से राजधानी में करीब 12बजे के बाद न्यू मार्केट की ज्यादातर दुकानें बंद हो गई। जो दुकाने खुली रही उन्हे भी बसपा कार्यकर्ताओं ने बंद कराया। वहीं बसपा कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।
इधर मध्यप्रदेस के भोपाल, विदिशा, मुरैना, भिंड और बदनावर समेत कई शहरों में सुबह से ही दुकानें बंद है वहां प्रदर्शनकारी एकत्र हो रहे हैं। होटल और चायपान की दुकानें नहीं खुल पाई। हालांकि प्रशासन ने सुबह से ही बंद को देखते हुए प्रदर्शनकारियों पर नजर रखना शुरू कर दी है। प्रदर्शन के उग्र होते देख रेलवे ने भी बाय भोपाल से चलने वाली ट्रेन 01704 जबलपुर - सचखंड और ट्रेन 01703 सचखंड से जबलपुर को रद्द कर दिया है। जिसके चलते सैकड़ों यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द
भारत बंद ऐलान के चलते सोमवार को 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा रद्द करने की घोषण सोमवार की सुबह ही कर दी। सीबीएसई का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर बोर्ड ने यह फैसला लिया है। दोनों पेपर की तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी। सोमवार को 10वीं की संस्कृत विषय की और 12वीं की हिंदी इलेक्टिव की परीक्षा होनी थी। अब ये परीक्षा बाद में होंगी।
कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील
इधर, पुलिस प्रशासन ने भारत बंद के दौरान चल रहे प्रदर्शन पर अकुंश लगाने के लिए कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दिया है। साथ ही पुलिस प्रदर्शन कारियों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
इसलिए हुआ भारत बंद
- एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का एलान किया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को जारी एक आदेश में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इसके तहत तत्काल गिरफ्तारी या आपराधिक मामला दर्ज करने पर रोक लगा दी थी।
- कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दे दी थी।
- केंद्रीय मंत्रियों रामविलास पासवान और थावरचंद गहलोत की अगुआई में एससी-एसटी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर विरोध दर्ज करवाया था।
Published on:
02 Apr 2018 12:54 pm
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