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बांस से तैयार किया जाएगा कलाग्राम कलाकारों को प्रतिभा निखारने का मिलेगा मौका

भारत भवन परिसर में नया कला केंद्र कलाग्राम जल्द ही आकार लेने लगेगा। यहां निर्माण के लिए लेवलिंग का का शुरू हो गया है। जनजातीय कलाकार, कला-संगीत, साहित्य, रंगकर्मियों के लिए कलाग्राम की मांग करीब 10 साल की जा रही थी। इस साल के अंत तक कलाग्राम आकार ले लेगा। इसमें शहर की नहीं बल्कि पूरे देश के कलाकार आकर अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं।

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भोपाल। कलाग्राम में पेंटिंग बनाने के लिए अलग से स्टूडियो तैयार किया जाएगा। यहां रहकर चित्रकार प्रतिभा निखार सकेगा। सिरेमिक स्टूडियो में कलाकार मिट्टी के स्कल्पचर और आकृतियां बनाना सीखेंगे। साहित्यकारों के लिए तैयार होने वाले स्टूडियो में नवीन साहित्यकार कल्पना की उड़ान भर सकेंगे। अपने लेखन को कागजों पर उतार सकेंगे।

चित्रकारों के लिए बनेगा अलग स्टूडियो
गीत, संगीत और रंगमंच के साधको के लिए संगीत और रंगमंच स्टूडियो तैयार होगा, जहां कलाकार सुर-सधाना कर सकेंगे। कलाग्राम में रंगमंडल को भी स्थान दिया जाएगा, ताकि कलाकार नाटक की रिहर्सल कर सकें। यहां डांस, ड्रामा और म्यूजिक को ध्यान में रखते हुए मल्टीपर्पस स्पेस तैयार होगा। यहा शहर और बाहर के कलाकारों के रुकने के लिए भी इंतजाम होंगे।

पक्का निर्माण नहीं होगा
कलाग्राम बनाने के लिए भारत भवन को 1 एकड़ जमीन एलॉट की गई है। ये जमीन भारत भवन के पास मौजूद है। कलाग्राम बनाते समय बिना किसी बड़े कंस्ट्रक्शन और प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना ही निर्माण होगा। यहां किसी भी तरह का पक्का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।कलाग्राम तैयार करने में करीब 10 करोड़ की लागत आएगी। अभी फाउंडेशन का काम चल रहा है। वहीं, ओपन ऑडिटोरियम को भी तैयार किया जाएगा, जिसमें एक हजार लोग बैठ सकेंगे। इसके लिए भारत भवन में खाली पड़ी जमीन का भी उपयोग होगा। कलाग्राम में ओपन स्पेस होगा और अस्थायी स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।

इसे बनाने के लिए केरल और देश के अन्य राज्यों में मिलने वाले मटेरियल और बांस का उपयोग किया जाएगा। ट्राइबल आर्टिस्ट इसे तैयार करेंगे। कलाग्राम में बांस की झोपड़ी और सेट तैयार किया जाएगा, यह बांस विशेषज्ञों द्वारा तय कर लाए जाएंगे, जिसमें कलाकार अपनी प्रस्तुति के साथ अन्य गतिविधियां कर सकेंगे। बांस का स्ट्रक्चर होने से प्रकृति के बीच रहने का अहसास होगा।