
भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के हजारों श्रमिक हड़ताल पर चले गए। इन श्रमिकों का आरोप है कि एक तो समय पर वेतन नहीं मिलता है और दो हजार रुपए का वेतन भी नियम विरुद्ध काटा जा रहा है। इससे परिवार पर आर्थिक संकट गहरा रहा है। श्रमिकों की हड़ताल बुधवार तक रहेगी।
देश की नवरत्न कंपनियों में शुमार बीएचईएल में इन दिनों कुछ ठीक नहीं है। यहां के हजारों ठेका श्रमिक हड़ताल पर चले गए हैं। मंगलवार सुबह से सभी वर्क्स कांट्रेक्ट ठेका श्रमिकों 24 घंटे की हड़ताल पर हैं।
फाउंड्री गेट पर सुबह 7 बजे ड्यूटी पर नहीं जाते हुए सभी ठेका श्रमिक बाहर ही जमा हो गए। पांच नंबर गेट पर उन्होंने जमकर नारेबाजी की। ठेका श्रमिकों का का दावा है कि भेल (Bharat Heavy Electricals Limited) का कामकाज प्रभावित हुआ है। श्रमिकों का आरोप है कि लगातार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। भेल प्रबंधन और ठेकेदार मिलकर श्रमिकों को काम से निकाल रहे हैं। रोजाना श्रमिकों को डराया-धमकाया जा रहा है। कई श्रमिकों का भुगतान तक कई महिनों से नहीं किया गया है। इसके अलावा श्रमिकों को समय वेतन नहीं दिया जा रहा है। जबकि वेतन में से अवैधानिक कटौती की जा रही है। वर्क्स कांट्रेक्ट ठेका श्रमिकों का वेतन भी 1500 से 2000 रुपए प्रतिमाह कम कर दिया गया है।
इस हड़ताल का नेतृत्व भेल वर्क्स कांट्रेक्ट श्रमिक एकता यूनियन के अध्यक्ष प्रशांत पाठक, महासचिव सुमित पटेरिया, कार्यकारी अध्यक्ष मेहर अली के मुताबिक इन परिस्थितियों को लेकर श्रमिकों में असंतोष है, जिसका असर आज की हड़ताल के रूप में देखने को मिल रहा है। ठेका श्रमिकों के संगठन ने चेतावनी दी है कि यहां श्रमिक ही कारखाना चला रहे हैं और इनकी वैध मांगों पर भी विचार नहीं किया जा रहा है। गौरतलब है पहले देश की प्रमुख 9 सरकारी कंपनियां थीं, जिसे नवरत्न कंपनियां कहा जाता था। लेकिन, विकास के दौर में इनकी संख्या अब 23 हो चुकी है।
Updated on:
21 Dec 2021 07:14 pm
Published on:
21 Dec 2021 04:08 pm
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