
भोपाल. भारत टॉकीज ब्रिज पर अंतत: डामरीकरण का काम पूरा हुआ। 25 मई को इसे आमजन के लिए खोला गया था। एक तरफ ट्रैफिक चलाकर दूसरी ओर डामरीकरण करना था, लेकिन इसमें पीडब्ल्यूडी को पांच माह का लंबा समय बीतने के बाद अब डामर पूरा हुआ। डामरीकरण से एक लाख लोगों को राहत मिली है। लेकिन अभी भी कई जगह सड़क में गड्ढे हैं, दोनों ओर फुटपाथ और सीढिय़ां पहले की तरह ही खुदी पड़ी हैं। 25 मई को ट्रैफिक शुरू किया, जबकि दो जुलाई 2023 को डामरीकरण शुरू हुआ था जो अब अक्टूबर के आखिरी दो दिन में पूरा हुआ।
50 साल पुराना ब्रिज, 360 बियरिंग बदले गए
- लगभग 50 वर्ष पुराने भारत टॉकीज आरओबी की मरम्मत के लिए कुल 360 बियरिंग और 15 एक्सपेंशन ज्वाइंट बदले गए हैं। इसके लिए ब्रिज का वजन कम करना था, जिससे इसकी डामर की परत को निकाला गया था। बियरिंग बदलने के बाद ब्रिज पर मास्टिक एस्फाल्ट की लेयरिंग की गई। दावा है कि इससे ब्रिज की उम्र 25 वर्ष बढ़ गई हैं। यानि अब ये ब्रिज करीब 2048 तक चल सकता है। बियरिंग बदलने का काम अप्रेल-मई में ही पूरा हो गया था। जून व जुलाई में इसपर डामरीकरण हो जाना था, लेकिन पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर इसे नहीं करवा पाए। जबकि ये ब्रिज करीब दो माह के लिए बंद भी रखा गया था। मरम्मत काम के दौरान लोगों को छह किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा था।
इसलिए महत्वपूर्ण ब्रिज
- ब्रिज का एक सिरा भोपाल रेलवे स्टेशन प्लेटफाॅर्म नंबर एक की ओर है, जबकि दूसरा सिरा भारत टॉकीज की ओर है। यहां से हमीदिया रोड और काली मंदिर समेत जहांगीराबाद, शाहजहांनाबाद की ओर लोगों को निकालता है। भोपाल रेलवे स्टेशन को अशोका गार्डन से लेकर नादरा बस स्टैंड, हमीदिया रोड, करोद से ये ब्रिज जोड़ता है। इतने महत्वपूर्ण ब्रिज के बावजूद डामरीकरण में तीन माह का लंबा समय ले लिया गया।
ब्रिज का काम तय शेड्यूल से ही किया गया। बड़ा काम था, समय लगता है। अब डामर होने से राहत मिलेगी। बचा हुआ काम भी जल्द पूरा हो जाएगा। - संजय मस्के, सीई, पीडब्ल्यूडी
फैक्ट-
भारत टॉकीज ब्रिज
- 50 साल पुराना ब्रिज है
- 25 साल बढ़ गई उम्र मरम्मत से
- प्लेटफॉर्म नंबर एक से छह की तरफ जोड़ता है
- 25 मई को आमजन के लिए खोला गया था ब्रिज
- 08 करोड़ रुपए की लागत
Published on:
03 Nov 2023 12:48 am
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