
ग्राउंड रिपो र्टः दीपक नागर
औबेदुल्लागंज। विश्व धरोहर स्थल भीमबैठिका ध्यान नहीं देने से दुर्दशा का शिकार हो गया है। ऐसा तभी होने लगा था, जब पर्यटन राज्य मंत्री रहे सुरेंद्र पटवा कभी इस क्षेत्र को देखने तक नहीं गए। वे इसी क्षेत्र से 14 सालों से विधायक भी हैं। इसके बावजूद भोजपुर विधानसभा में मौजूद यूनेस्को में तीसरा स्थान रखने वाले विश्व प्रसिद्ध भीमबैठिका कभी नहीं गए।
2013 से 2018 तक पर्यटन राज्यमंत्री रहे
सुरेंद्र पटवा 2013 से 2018 तक पर्यटन राज्यमंत्री भी रहे। केंद्र सरकार ने इन पांच सालों में दो बार प्रदेश में पर्यटन के अच्छे कार्य करने के लिए पटवा को दिल्ली में सम्मानित किया। लेकिन पांच साल पर्यटन मंत्री रहते हुए पटवा भीमबैठिका, गिन्नौरगढ़ किला व रातापानी में फैले देलावाड़ी, युद्धबंदी शिविर, चोर बावड़ी आदि पर्यटन स्थलों पर कभी नहीं गए। न ही इस क्षेत्र के लिए पर्यटन विभाग की तरफ से कोई काम हुए।
चार साल से भीमबैठिका पहुंच मार्ग खराब
पिछले चार सालों से भीमबैठिका पहुंच मार्ग जर्जर हालत में है। रविवार को सुबह दस बजे नर्मदापुरम के कुछ संतों के साथ कनाडा के पर्यटक भीमबैठिका पहुंचे, कनाडा के पर्यटक का कहना था कि शैलचित्र अच्छे हैं लेकिन सुविधा कमजोर। रविवार को भारी संख्या में पर्यटक भीमबैठिका आए, लेकिन चार पाहिया वाहनों को चढ़ाई पर खराब सडक़ चढऩे में परेशानी झेलनी पड़ी। पर्यटकों को यहां प्रवेश के लिए शुल्क भी देना पड़ता है।
कमलापति का महल नहीं देखा
जिस गौड़ राजा की रानी कमलापति के नाम पर हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रखा गया है। वह कमलापति अपने पति के साथ देलावाड़ी स्थित गिन्नौरगढ़ किले में रहती थी। पिछले 14 साल में विधायक पटवा गिन्नौरगढ़ किला नहीं पहुंचे। साथ ही इनके पर्यटन राज्यमंत्री रहते किले पर कोई काम नहीं हुआ। साथ ही इसके आसपास दर्जन पर्यटक स्थल आमखो, चोर बाबड़ी, सनसेट आदि जगह पर भी पटवा नहीं पहुंचे, यहां हर दिन सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं।
बरूसोत रेस्ट हाउस-सीएम आते हैं मंथन के लिए
नर्मदापुरम मार्ग पर बरखेड़ा के अंदर स्थित रातापानी जलाशय के सामने स्थित बरूसोत रेस्टहाउस पर मुख्यमंत्री साल में कुछ रात यहां गुजारते हैं और प्रदेश के विकास की रूपरेखा बनाते हैं। सुरेंद्र पटवा यहां भी कभी अधिकारियों के साथ बैठक करने व जायजा लेने नहीं पहुंचे।
राजधानी के करीब दर्जनों पर्यटक स्थल सुविधाएं से दूर
वन विभाग ने एक माह पहले देलावाड़ी, दाहोद आदि में जिप्सी सवारी शुरू कर दी है। इसके पहले पर्यटक अपने वाहनों से यहां आते थे। वन विभाग के साथ पटवा ने कभी रातापानी में पर्यटकों की मिलने वाली सुविधाओं को लेकर बैठक नहीं ली। भीमबैठिका में पीडब्लूडी विभाग क्यों वर्षों से सडक़ की मरम्मत नहीं कर रही है, इस पर रूचि नहीं ली। पटवा इन चार सालों में जमीनी स्थल पर दूर रहकर केवल सोशल मीडिया पर ही सक्रिय दिखाई दिए हैं।
लोगों से जानकारी लेने पर पता चला है कि १४ साल में विधायक पटवा क्षेत्र के कई पर्यटन स्थल नहीं गए। जो विधायक पर्यटक राज्यमंत्री रहते हुए विश्व धरोहरण भीमबैठिका नहीं गया हो, उसे कैसे दो बार राष्ट्रीय सम्मान दिया गया, समझ नहीं आया।
-मनीष मालवीय, जिला अध्यक्ष, आप पार्टी
सवालों का जवाब दिए बिना चले गए विधायक सुरेंद्र पटवा
प्रश्न-आप पार्टी के जिला अध्यक्ष का कहना है कि पटवा १४ सालों में एक भी बार विश्व धरोहर भीमबैठिका नहीं गए?
जवाब-उनको जानकारी नहीं है, वे पहले मेरे कार्यक्रम देख लें।
प्रश्न-आप अभी तक कितनी बार भीमबैठिका गए हैं?
जवाब-मुझे आप पार्टी को यह जानकारी देने की जरूरत नहीं है।
प्रश्न-मीडिया जानना चाहती है?
जवाब-मेरे निवास पर आ जाए, अभी भी देश में और विदेश में ऐसे बहुत से जगह है, यहां मैं नहीं गया।
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(जैसे ही हमने प्रश्न करना शुरू किया, उन्होंने कदम बढ़ाना शुरू कर दिए और तीसरे प्रश्न तक वहां से चले गए।)
Updated on:
10 Jan 2023 06:01 pm
Published on:
10 Jan 2023 05:53 pm
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