
raipur
कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थियों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। बीयू और मैनिट प्रबंधन की ओर से परिसर खाली कराए जाने की कार्रवाई के बाद मंगलवार से आरजीपीवी हॉस्टलर्स का पलायन भी शुरू हो गया है। आरजीपीवी हॉस्टल में रहने वाले अधिकांश विद्यार्थियों ने प्रबंधन के नोटिस के बाद निजी साधनों की तलाश शुरू कर दी है। आरजीपीवी के तीन हॉस्टल में वर्तमान में दो हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग स्टूडेंट रहते हैं। तकनीकी शिक्षा संचालनालय के निर्देश के बाद प्रबंधन ने विद्यार्थियों को 31 मार्च तक के लिए निवास लौटने की हिदायत दी है। आरजीपीवी प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर हॉस्टल के कमरों एवं मेस में सेनेटाइजर रखवाने शुरू कर दिए हैं लेकिन विद्यार्थियों में भय का वातावतरण बना हुआ है। तकनीकी शिक्षा संचालक वीके सिंह ने विद्यार्थियों को भयमुक्त रहकर भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
निजी कंपनियों ने मांगे सार्टिफिकेट
एमपी नगर सहित शहर की अनेक प्रायवेट बैंकिंग कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए हैं। मुख्यालय से मिले के बाद बैंकिंग कंपनियां अस्थाई रुप से बंद शाखाओं का काम भोपाल से निपटा रही हैं। स्थानीय कर्मचारियों को सर्कुलर जारी कर कहा गया है कि वे टूरिस्ट स्थानों पर जाने का प्रोग्राम फिलहाल निरस्त कर दें। जो कर्मचारी पहले से अवकाश पर गए हैं उन्हें चिकित्सक से कोरोना वायरस फ्री टेस्ट करवाने और सार्टिफिकेट साथ लेकर आने के निर्देश दिए गए हैं।
आईएसबीटी पर दवा का छिड़काव
बस से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए आईएसबीटी परिसर को कोरोना वायरस मुक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बीसीएलएल ने बड़ी मात्रा में केमिकल मंगवाकर इसे दिन में तीन बार परिसर के कोने-कोने में छिड़काव करवाना शुरू कर दिया है। बीसीएलएल के पीआरओ संजय सोनी ने बताया कि निगमायुक्त के निर्देश पर नगर निगम सफाई अमले की ड्यूटी भी आईएसबीटी परिसर में लगाई गई है।
Published on:
19 Mar 2020 12:31 pm
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