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भोपाल और इंदौर बेहतर कचरा प्रबंधन की रेस में मार सकते हैं बाजी

ऑल इंडिया रैंकिंग: आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने निगम कमिश्नरों को बुलाया

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Bhopal and Indore

भोपाल। स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के मामले में भोपाल और इंदौर नगर निगम को ऑल इंडिया रैंकिंग में पहला स्थान मिल सकता है। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने इन नगर निगमों के आयुक्त को दिल्ली बुलाया है। तालकटोरा स्टेडियम में स्वच्छ शहर संवाद और तकनीक प्रदर्शनी 29 और 30 सितंबर को आयोजित की जा रही है।

स्वच्छता कार्य से जुड़े निजी संस्थाओं और बेहतर काम करने वाले नगर निगम आयुक्तों का एक तकनीकी सत्र भी है। इसमें भोपाल नगर निगम आयुक्त केवीएस चौधरी को विरासत अपशिष्ट (भानपुर खंती) कचरा प्रबंधन और इंदौर नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल को बायोडिग्रेबल कचरा प्रबंधन (सीएनजी संयंत्र) पर अनुभव साझा करने के लिए बुलाया गया है।

बायोडिग्रेबल वेस्ट के लिए पुणे, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और उसको अलग-अलग करने के लिए मैसूर, सूखा कचरा प्रबंधन के लिए सूरत निगम कमिश्नर को अनुभव साझा करने के लिए बुलाया गया है। इन नगर निगमों के कचरा प्रबंधन कार्य का डॉक्यूमेंटेशन तैयार किया जाएगा, जिसे सभी निकायों को इस तरह के प्रयोग के लिए भेजा जाएगा।

इंदौर में कचरेसे तैयार होरही सीएनजी

गीले कचरे से सबसे बड़ा बायो कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (बायो सीएनजी) प्लांट लगाने वाले इंदौर पहला शहर है। क्षमता रोजाना 1700 किलो सीएनजी की है। निगम सीएनजी से बसें चलाने के प्रयास में हैं। हालांकि 60% मीथेन तैयार हो पा रही है। बसें चलाने के लिए 90% मीथेन जरूरी है। सीएनजी को धीरे-धीरे शुद्धिकरण यूनिटमें लाया जाएगा।