छोटे तालाब में हुए हादसे में बच्चों के साथ पांच परिवारों की उम्मीदों की मौत हो गई। विधवा मां का एकलौता सहारा चला गया तो बूढ़े बाप का कमाने वाला पूत। परिवार को इसका भी दुख है कि जिला प्रशासन ने उन्हें महज एक लाख रुपए की सहायता देकर मदद की बजाए उनके जख्मों पर नमक लगाया है। उनका कहना है कि यदि उन्हें जल्द ही और अधिक आर्थिक सहायता नहीं मिली तो धरना देंगे। प्रशासन को समझनी चाहिए जिम्मेदारी : मृतक विशाल की मां गंगा मालवीय ने कहा कि उस दिन मैंने विशाल को जाने से बहुत रोका था, लेकिन वह नहीं माना। उसे तो तैरना भी आता था। वह हेयर कटिंग का काम सीख रहा था, ताकि पिता का हाथ बंटा सके। बच्चे तो नादान होते हैं, लेकिन प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए थी।