
child kidnapping case : लगभग 42 घंटे बाद मिला मासूम का जला हुआ शव, रविवार की शाम से लापता था मासूम
भोपाल। 3 दिन पहले कोलार के बैरागढ चीचली क्षेत्र से लापता मासूम child kidnapping का जला हुआ शव आज दोपहर में झाडियों में मिला। मासूम का शव dead body मिलते ही इलाके में हड़कप मच गया। जानकारी मिलते ही पुलिस के अधिकारी, डॉग स्क्वॉयड और एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंच गई हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बच्चे का शव मिलने के बाद पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले युवक को हिरासत में लिया है। जैसे ही पुलिस mppolice युवक को हिरासत में लिया वैसे ही गांव वालों और पुलिस के बीच झड़प होने लगी। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि युवक को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है गौरतलब है कि युवक सुबह से गायब था। बच्चे का शव मिलने के बाद सीएम कमलनाथ ने दुख जताया। सीएम कमलनाथ ने ट्वीट में लिखा की आरोपियों को शीघ्र पकड़ने के निर्देश दिए गए है। किसी भी दोषी को बख़्शा नहीं जायेगा।
नहीं मिला था कोई सुराग
वन विभाग में नाकेदार दादा से दस रुपए लेकर चॉकलेट लेने निकला मासूम दुकान तक ही नहीं पहुंचा था, उससे पहले ही वह चीचली गांव से रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। मासूम वरुण का 24 घंटे बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लग सका था।
उसकी तलाश में गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गई थी, पुलिस अफसरों के साथ तकरीबन 200 पुलिसकर्मी और परिजनों के अलावा स्थानीय रहवासी व रिश्तेदार रविवार शाम से ही उसकी खोज में जुटे थे। गांव से लेकर केरवा डैम, कजलीखेड़ा, कलियासोत से होते हुए जंगल तक वरुण की तलाश कर चुके, बावजूद इसके उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा था।
किसी से कोई दुश्मनी नहीं
दादा नारायण मीणा का कहना है कि गांव के लोग काफी अच्छे हैं और उनकी किसी रिश्तेदार से भी दुश्मनी नहीं है। परिजनों समेत पुलिस ने उस किराना दुकान के संचालक से भी पूछताछ की थी, जिसकी दुकान का पर वरुण अकसर चॉकलेट लेने जाता था, लेकिन दुकान संचालक का कहना है कि रविवार शाम वरुण दुकान पर आया ही नहीं।
किसी ने देखा ही नहीं कि वरुण कहां गया। नारायण सिंह का घर मुख्य सड़क से करीब200 मीटर अंदर पहाड़ी पर है। वरुण घर से किराना दुकान तक ही जाता था, उसके घर से दुकान के लिए दो रास्ते हैं। वह मुख्य सड़क तक वह कभी नहीं गया, जबकि गांव के अंदर भी किसी ने उस संदिग्ध कार को घुसते हुए नहीं देखा। हालांकि परिजनों को संदेह है कि उसी कार से वरुण को अगवा किया गया है।
डीआइजी कर रहे थे मॉनिटरिंग, दो बार पहुंचे
डीआईजी सिटी इरशाद वली पूरे मामले की मॉनिटरींग कर रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी इरशाद वली सोमवार तड़के फिर दोपहर बाद गांव पहुंचे। परिजनों से चर्चा कर विश्वास दिलाया है कि वरुण को जल्द ही सकुशल तलाश लिया जाएगा। एसपी संपत उपाध्याय, एएसपी अखिल पटेल, एएसपी क्राइम ब्रांच और सीएसपी भूपेंद्र सिंह आदि वरुण की खोज में लगे हैं। वहीं विधायक रामेश्वर शर्मा भी उसके परिजनों से मिलने पहुंचे और परिवार को ढृंढस बंधाया।
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7.45 बजे सीसीटीवी में कैद हुई थी कार
जिस कार से मासूम वरुण के अपहरण का संदेह जताया जा रहा , वह कार बैरागढ़ चीचली से होते हुए रातीबड़ की तरफ गई है। गाड़ी का नंबर नहीं आने के कारण उसे ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है। केरवा डैम के पास नाका पार करते समय कार चालक ने नाकेदार से खुद को पुलिसकर्मी बताया था। इससे पहले कार गांव के बाहर एक स्कूल के पास रात पौने 8 बजे कैमरे में हुई है। रातीवड़ तरफ किसी क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले हैं।
तीन सितम्बर को है जन्मदिन
वरुण अपने माता पिता का इकलौता बेटा है। वरुण के लापता होने से मां तृप्ति का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन वरुण की तलाश के लिए न केवल पुलिस से संपर्क कर रहे है, बल्कि जानकारों के पास भी परिजन पहुंच रहे है। पिता विपिन का कहना है वरुण का तीन सितंबर को जन्मदिन है, वह चार साल का हो जाएगा। परिवार मध्यम वर्ग का है। फिरौती के लिए अपहरण करने जैसे स्थिति नजर नहीं आ रही है।
Updated on:
16 Jul 2019 05:19 pm
Published on:
16 Jul 2019 03:11 pm
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