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मादा भालू ‘सेरेना’ की मौत, ढाई साल की उम्र में पहुंची थी वन विहार, बाघिन ‘प्रिया’ ने खाना छोड़ा

10 दिनों से बीमार चल रही थी वन विहार की उम्रदराज मादा भालू

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Bhopal: Elderly bear dies in Van Vihar

Bhopal: Elderly bear dies in Van Vihar

भोपाल. वन विहार राष्ट्रीय उद्यान की उम्रदराज मादा भालू सेरेना की मंगलवार को मौत हो गई। सेरेना 20 साल की थी और 15 सितंबर से बीमार थी। उसका पोस्टमार्टम पार्क डायरेक्टर कोमलिका मोहंता, डिप्टी डायरेक्टर अशोक कुमार जैन की मौजूदगी में वन्य प्राणी विशेषज्ञ डॉक्टर अतुल गुप्ता ने किया। उन्होंने प्राथमिक रिपोर्ट में मौत का कारण मल्टी आर्गन फेल होना बताया है। वहीं वन विहार में ही लंबे समय से बीमार चल रही बाघिन प्रिया की हालत भी गंभीर है। उसने खाना पूरी तरह छोड़ दिया है।

बता दें, पिछले कुछ दिन से वन विहार में उम्रदराज और बीमार वन्यप्राणियों की एक-एक कर मौत हो रही है। मंगलवार को दम तोडऩे वाली सेरेना को मार्च 2002 में भोपाल के कोटरा सुल्तानाबाद से पकड़ा गया था, तब उसकी उम्र ढाई साल थी। अब वन विहार में 23 भालू बचे हैं। इनका संरक्षण वाइल्ड लाइन एसओएस संस्था करती है।

जानिए भालू के बारे में

जानिए किस भाषा में क्या कहते हैं भालू को

संस्कृत में भालू को ऋक्ष कहते हैं। जिससे रीछ शब्द उत्पन्न हुआ है। अंग्रेजी में भालू को बेयर कहा जाता है। फारसी में ख़ुर्स यूनानी में आक्र्तोस, लातिनी में उर्सुस कहा जाता है।