22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Migratory birds विदेशी परिंदों का ब्रीडिंग सेंटर बना भोपाल

- दूधराज और इंडियन पिट सहित कई पक्षियों के जोड़े पहुंचे राजधानी - winter season में भोपाल पहुंचते हैं पक्षी - शहर की बजाय गांवों के आसपास बनाए घोंसले

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Shakeel Khan

Jan 09, 2025

bird

bird

भोपाल. Migratory birds के लिए राजधानी और आसपास का क्षेत्र वरदान साबित हो रहा है। उनके लिए Breeding Center बन गया है। देश के कई हिस्सों से पक्षियों के घोंसले की तलाश शुरू की है। यह घोंसले ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिले हैं। मौसम में बदलाव के कारण ये असर नजर आए। ऐसे में ये ब्रीडिंग नहीं कर पा रहे हैं। expert के मुताबिक इनके मूल क्षेत्र में ब्रीडिंग का माहौल अनुकूल है।

यूरोप, अफ्रीका, रूस, साइबेरिया से सर्दी के मौसम में पक्षी राजधानी पहुंचते हैं। कई प्रजातियां दुर्लभ हैं। इनमें साइबेरिया से साइबेरियन क्रेन, अफ्रीका से डेमोसिल क्रेन यूरोप और एशिया में पाया जाने वाला व्लाइट टेल्ड ईगल शामिल है। बड़े तालाब की रामसर साइट्स के अलावा कोलार, शाहपुरा और आसपास बांधों में भी ये नजर आए, लेकिन संख्या कम है। पिछले साल की बर्ड काउंटिंग में 35 हजार प्रवासी और अप्रवासी पक्षी थे अब तक गिनती के तहत यह संख्या करीब 25 हजार है। एक्सपर्ट के मुताबिक माइग्रेटेड बर्ड दूसरे देशों से भारत आ चुके हैं।

वन विभाग और eco टूरिज्म करा रहा काउंटिंग: वन विभाग और ईको टूरिज्म पक्षियों की गणना करा रहा है। bhopal बर्ड संस्था के मोहम्मद खालिक के मुताबिक अभी भोज वेटलैंड पर काम चल रहा है। रामसर साइट इसमें शामिल है।

पहले बढ़े,फिर घटे
बीते तीन साल में शहर में एक लाख 19 हजार पक्षी पहुंचे। yearwise संख्या इस प्रकार है

year पक्षियों की संख्या

2022 - 53,323
2023 - 30,320
2024 - 35,599

आसपास के गांवों में डेरा डाला


Migratory बर्ड ने इस साल शहर के अलावा आसपास के गांवों में डेरा डाला है। हर साल करीब 200 प्रजातियों के पक्षी यहां पहुंचते हैं इनमें से विदेशी बर्ड की करीब 35 विदेशी प्रजातियां ही चिन्हित हो पाईं। अधिकांश शहर के आसपास के हिस्सों में हैं। वन विभाग की birds काउंटिंग में इसका खुलासा हुआ।