कृषि विभाग आईएएस अफसर के हवाले होगा। इसके पीछे उद्देश्य है कृषि विकास की योजनाओं में हो रही गड़बडिय़ों पर अंकुश लगाना। दो की बजाय पांच विभागीय संचालक होंगे, जिनके ऊपर कमिश्नर की पदस्थापना की जाएगी। विभागीय स्तर पर मंथन के बाद अब वित्त विभाग की सहमति लेकर प्रस्ताव मंजूरी के लिए कैबिनेट में भेजा जाएगा। सरकार ऐसा प्रयोग स्वास्थ्य विभाग में कर चुकी है, जिसे उसने सफल माना है।
प्रमुख सचिव कृषि डॉ.राजेश कुमार राजौरा का कहना है कि किसान और खेती सरकार की प्राथमिकता में है। किसानों को सुविधाएं समय पर मिलें, इसके लिए जरूरी है कि प्रशासनिक नियंत्रण और निगरानी ठीक ढंग से हो। इसके लिए ये प्रस्ताव तैयार किया गया है।
डायरेक्टर के ये होंगे पद
- डायरेक्टर कृषि: सिर्फ प्रशासनिक नियंत्रण करना। ट्रांसफर , पोस्टिंग, विभागीय जांच आदि मामले देखेंगे।
- डायरेक्टर मिशन: कृषि को बढ़ावा देने वाली केंद्र की योजनाओं जैसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, कपास मिशन, गन्ना मिशन, ऑइलपॉम मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की निगरानी करना।
- डायरेक्टर सीएट: राज्य में कृषि विस्तार और प्रशिक्षण का काम देखेंगे।
- डायरेक्टर अभियांत्रिकी: खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे। अभी यहां अपर संचालक पदस्थ हैं।
- डायरेक्टर बीज प्रमाणीकरण: खेती के लिए प्रमाणित बीज के उपयोग को बढ़ावा देने का काम करेंगे। बीज प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाएंगे।