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Jaipur: मुझे बेसहारा कर गया मेरा बेटा… SUV हादसे में जान गंवाने वाले फैजान की मौत से परिवार पर टूटा पहाड़

Jaipur Accident: जयपुर। 'मुझे बेसहारा कर गया मेरा बेटा…' फैजान की मां खेरूनिशा की यह चीख पूरे मोहल्ले में गूंज रही थी। जयंती मार्केट चौराहे पर बेकाबू एसयूवी ने फैजान की जिंदगी छीन ली और परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
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एसयूवी की टक्कर से घायल कुलसुम, इनसेट में मृतक फैजान की मां खेरूनिशा, पत्रिका फोटो

एसयूवी की टक्कर से घायल कुलसुम, इनसेट में मृतक फैजान की मां खेरूनिशा, पत्रिका फोटो

Jaipur Accident: जयपुर। 'मुझे बेसहारा कर गया मेरा बेटा…' फैजान की मां खेरूनिशा की यह चीख पूरे मोहल्ले में गूंज रही थी। जयंती मार्केट चौराहे पर बेकाबू एसयूवी ने फैजान की जिंदगी छीन ली और परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। चार बहनों का इकलौता भाई ही घर का सहारा था। उसकी कमाई से किराया, पढ़ाई और रोजमर्रा का खर्च चलता था। हादसे की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। पिता कदीर खान बदहवास कहते हैं… बुढ़ापे की लाठी चली गई। बहनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे।

सबका ध्यान रखता था भाई

मृतक की बहनें परवीन, रुखसार, गुलफसां और लाली की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। वे मां को ढांढस बंधाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन खुद चुपके से अपने आंसू पोंछती रहीं। शवगृह में मौजूद रिश्तेदारों का कहना था कि फैजान के जाने के बाद परिवार जैसे टूट गया है। सबकी जुबान पर एक ही सवाल था कि अब घर की जिम्मेदारी कौन संभालेगा और बेटियों की शादी कैसे होगी?

कॉलेज का फॉर्म भरकर लौट रही थी… पैर में फ्रैक्चर

इसी हादसे में घायल रामगंज निवासी कुलसुम का एसएमएस अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसके पैर में फ्रैक्चर है और ऑपरेशन की जरूरत बताई गई है। कुलसुम गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज किशनपोल से फॉर्म भरकर सहेली के साथ पैदल घर लौट रही थी। कुलसुम ने बताया कि तेज रफ्तार एसयूवी अचानक उनकी ओर आई। एक पल को लगा कि मैं बचूंगी भी या नहीं, उसने कांपती आवाज में कहा।

मामा बोले…पढ़-लिखकर आगे बढ़ना चाहती है कुलसुम

कुलसुम के मामा मुजफ्फर अली ने बताया कि परिवार ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है, लेकिन कुलसुम पढ़ाई के दम पर माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती है। वह बीकॉम सेकेंड ईयर की छात्रा है। उसके पिता मकसूद अहमद फुटवियर का काम करते हैं। परिवार में तीन बच्चे हैं, बड़ा भाई दसवीं पास है और पिता के काम में हाथ बंटाता है, जबकि बड़ी बहन दिव्यांग है।

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