22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजधानी में कैसे दौड़ेगी मेट्रो? जायका की टीम ने जानी जमीनी हकीकत…

जापान इंटरनेशनल कार्पोरेशन एजेंसी (जायका) की टीम ने बुधवार को नगरीय प्रशासन संचालनालय के अफसरों से मुलाकात की। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

less than 1 minute read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Gite

Oct 15, 2015

Bhopal Metro

(Photo Source- Patrika Input)

जापान की एक टीम बुधवार को सुबह भोपाल पहुंच गई। यह टीम लाइट मेट्रो ट्रेन की डीपीआर और इसकी जरूरतों का मुआयना करेगी।

राजधानी में मेट्रो ट्रेन कैसे दौड़ाई जाए इसकी मशक्कत करने के लिए जापान का एक दल भोपाल पहुंचा। उसने शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी। जापान की एक टीम बुधवार को सुबह भोपाल पहुंच गई। यह टीम लाइट मेट्रो ट्रेन की डीपीआर और इसकी जरूरतों का मुआयना करेगी।

जापान इंटरनेशनल कार्पोरेशन एजेंसी (जायका) की टीम ने बुधवार को नगरीय प्रशासन संचालनालय के अफसरों से मुलाकात की। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके बाद उन्हें शहर का भ्रमण कर मेट्रो का रूट जाना है। सबकुछ ठीक रहा तो यह जापानी टीम 12 हजार करोड़ रुपए के कर्ज को हरी झंडी दे देगी।
सूत्रों के मुताबिक भोपाल में पहले चरण के लिए छह हजार करोड़ का कर्ज दिया जाएगा, जबकि इतनी ही रकम इंदौर मेट्रो के लिए भी होगी। यह कर्ज 0.3 फीसदी ब्याज दर पर मिलेगा। इससे सीहोर नाके से अवधपुरी और करोंद से एम्स वाली लाइनें बनाई जाएंगी। अगले साल जुलाई तक काम शुरू हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और कमिश्नर विवेक अग्रवाल हाल ही में जापान गए थे। दोनों लाइट मेट्रो का प्रेजेंटेशन लेकर गए थे। जायका को प्रस्ताव पसंद आने पर यह टीम बारीकी से अध्ययन करने के साथ मध्यप्रदेश आई हुई है। जायका की ओर से क्लीयरेंस मिलने के बाद भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन एरिया घोषित करना होगा। फिर केंद्र सरकार डीपीआर को मंजूरी देगी। इसके बाद टेंडर और जनरल कंसल्टेंट की नियुक्त होगी। छह महीने में टेंडर दस्तावेज तैयार करके निर्माण एजेंसी तय की जाएगी। यह प्रक्रिया अगले साल जुलाई तक पूरी हो पाएगी।