सूत्रों के मुताबिक भोपाल में पहले चरण के लिए छह हजार करोड़ का कर्ज दिया जाएगा, जबकि इतनी ही रकम इंदौर मेट्रो के लिए भी होगी। यह कर्ज 0.3 फीसदी ब्याज दर पर मिलेगा। इससे सीहोर नाके से अवधपुरी और करोंद से एम्स वाली लाइनें बनाई जाएंगी। अगले साल जुलाई तक काम शुरू हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और कमिश्नर विवेक अग्रवाल हाल ही में जापान गए थे। दोनों लाइट मेट्रो का प्रेजेंटेशन लेकर गए थे। जायका को प्रस्ताव पसंद आने पर यह टीम बारीकी से अध्ययन करने के साथ मध्यप्रदेश आई हुई है। जायका की ओर से क्लीयरेंस मिलने के बाद भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन एरिया घोषित करना होगा। फिर केंद्र सरकार डीपीआर को मंजूरी देगी। इसके बाद टेंडर और जनरल कंसल्टेंट की नियुक्त होगी। छह महीने में टेंडर दस्तावेज तैयार करके निर्माण एजेंसी तय की जाएगी। यह प्रक्रिया अगले साल जुलाई तक पूरी हो पाएगी।