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नौकरी दिलाने के नाम पर वसूले 6 लाख रुपए, अब महिला फरार चूनाभट्टी थाने में मामला दर्ज, छिंदवाड़ा पुलिस को भी है महिला की तलाश

फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर डीआरएम कार्यालय नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा युवक, फर्जीवाड़ा पता चलने पर रिपोर्ट लिखाने पहुंचा थाने, छिंदवाड़ा की महिला ठग ने सागर के युवक को भोपाल में बनाया शिकार  

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नौकरी दिलाने के नाम पर वसूले 6 लाख रुपए, अब महिला फरार चूनाभट्टी थाने में मामला दर्ज, छिंदवाड़ा पुलिस को भी है महिला की तलाश

नौकरी दिलाने के नाम पर वसूले 6 लाख रुपए, अब महिला फरार चूनाभट्टी थाने में मामला दर्ज, छिंदवाड़ा पुलिस को भी है महिला की तलाश

भोपाल.
छिंदवाड़ा की महिला ठग और उसे साथी का शिकार सागर निवासी एक युवक फर्जी नियुक्त पत्र लेकर डीआरएम कार्यालय पहुंच गया। युवक ने अफसरों से कहा कि उसे कोलकाता रेलवे बोर्ड से नियुक्ति पत्र मिला है। जांच में पत्र फर्जी पाया गया और अफसरों ने उससे पूछताछ शुरु की। पता चला कि युवक के साथ आरोपी महिला ने नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। नौकरी ज्वाइन करने की उम्मीद में आया युवक बाद में रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचा।

चूनाभट्टी पुलिस ने छिंदवाड़ा की महिला ठग के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआइआर दर्ज की है। आरोपी महिला ने अपने एक साथी की मदद से सागर के एक युवक को भोपाल रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर छह लाख लेकर हेराफेरी को अंजाम दिया। पुलिस महिला की तलाश में छिंदवाड़ा में डेरा डाले हुए हैं। चूनाभट्टी पुलिस जब छिंदवाड़ा पहुंची तो पता चला कि वहां की पुलिस भी ठगी के कई मामलों में शोभा खरे एवं उसके साथ ही तलाश कर रही है।

ऐसे पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम, सावधान
थाना प्रभारी चूनाभट्टी नितिन शर्मा के अनुसार पीडि़त कमलेश रैकवार सागर शाहगढ़ का रहने वाला है। वर्तमान में निजी काम करता है एवं स्थानीय कालोनी में रहता है। अप्रैल 2019 में छिंदवाड़ा के जिला अस्पताल में लिपिक पद पर पदस्थ शोभा खरे भोपाल आई थी। वह कोणार्क एवेंन्यू होटल में रूकी थी। यहां कमलेश की मुलाकात अपने एक परिचित के माध्यम से शोभा से हुई थी। शोभा ने उनको रेलवे में नौकरी लगवाने की बात कही थी जिसके बाद शोभा ने काम कराने के नाम पर तीन लाख रुपए ले लिए थे। बाद में महिला कमलेश को लेकर पश्चिम बंगाल भी गई थी। जहां कमलेश को एक युवक से मिलवाया था। उसने कमलेश को फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र दे दिया था और बाकी पैसे लिए थे। इस प्रकरण में शोभा और उसके साथी सुखदयाल उर्फ दीपक ने मिलकर करीब छह लाख वसूले और फरार हो गए। कमलेश जब आमद देने के लिए रेलवे में पहुंचा तो उसे बताया गया कि उसका नियुक्ति पत्र फर्जी है। उसने शोभा खरे से बात करनी चाही तो उसका फोन नहीं लगा। पीडि़त जैसे तैसे महिला के पास किसी तरह पहुंच गया तो शोभा ने पैसे लौटाने का ऑफर दिया और पीडि़त को एक चेक दिया, वह भी बाउंस हो गया।

एसटीएफ और छिंदवाड़ा पुलिस को भी तलाश

भोपाल पुलिस जब छिंदवाड़ा पहुंची तो उसे पता चला कि महिला बड़ी शातिर ठग है। एसटीएफ एवं छिंदवाड़ा पुलिस मिलकर उसे खोज रही है। शोभा खरे चार साल से छिंदवाड़ा अस्पताल से गायब है। नौकरी पर नहीं आ रही है। उसके खिलाफ छिंदवाड़ा के कोतवाली थाने और एसटीएफ में उसकी धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस उसकी तलाश में है, लेकिन वह पुलिस को मिल नहीं पा रही है।