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राजधानी में बनेंगे सात सीएनजी प्लांट, अकेले आदमपुर बचाएगा 2.43 करोड़

पेट्रोल की कीमत 110.27 रुपए प्रति लीटर रिकॉर्ड तक पहुंच गई है। ऐसे में सीएनजी को बढ़ावा देने आदमपुर में लगे सीएनजी प्लांट जैसे और प्लांटों को स्थापित कर उत्पादन शुरू करना होगा।

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राजधानी में बनेंगे सात सीएनजी प्लांट, अकेले आदमपुर बचाएगा 2.43 करोड़

राजधानी में बनेंगे सात सीएनजी प्लांट, अकेले आदमपुर बचाएगा 2.43 करोड़

भोपाल. पेट्रोल की कीमत 110.27 रुपए प्रति लीटर रिकॉर्ड तक पहुंच गई है। ऐसे में सीएनजी को बढ़ावा देने आदमपुर में लगे सीएनजी प्लांट जैसे और प्लांटों को स्थापित कर उत्पादन शुरू करना होगा। वाहनों का फोकस भी पेट्रोल डीजल की जगह सीएनजी बेस्ड जरूरी है। शहर में सात जगह सीएनजी प्लांट प्रस्तावित हैं, जिनमें आदमपुर और बैरागढ़ में काम शुरू हुआ है। सुस्त रफ्तार के चलते आदमपुर में अभी काम अधूरा है। पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दाम और पर्यावरण की दृष्टि से आने वाला समय बायो सीएनजी का है।
इससे तीन फायदे हैं, पहला तो ये कि ये वर्तमान में 45 रुपए केजी है। दूसरा पर्यावरण को इससे न के बराबर नुकसान है। तीसरा ये कि गैस जिस प्लांट में बनती है, वहां इसका कचरा कम्पोस्ट खाद के रूप में बाहर आता है। राजधानी में आदमपुर छावनी में 30 करोड़ रुपए की लागत से तैयार प्लांट में प्रतिदिन 200 टन गीले कचरे से 6400 केजी सीएनजी गैस का उत्पादन होगा। शासन को इससे 2.43 करोड़ बचत का अनुमान है, लेकिन अभी तक ये शुरू नहीं हुआ। निगमायुक्त ने निरीक्षण कर इसे तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शहर में संचालित हो रही वाहनों की संख्या को देखते हुए प्लांट की क्षमता कम है।

हर माह में 1000 केजी सप्लाई
शहर में अभी आईओसीएल, एचपीसीएल के 15 सीएनजी पंपों पर हर माह एक हजार केजी सीएनजी वाहनों में डाली जाती है। अधिकांश सीएनजी उज्जैन से टैंकरों की मदद से एक निजी कंपनी से लेते हैं। आदमपुर प्लांट से प्रतिदिन 320 कारें या 42 बसों की जरूरत ही पूरी हो सकती है। वहीं बीआरटीएस में संचालित हो रही बसें ही चल जाएं तो बड़ी बात होगी।
निगमायुक्त केवीएस चौधरी ने कहा कि आदमपुर सीएनजी प्लांट को शुरू कराने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं, दो दिन पहले ही हमनें निरीक्षण कर जल्दी काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
15 साल पुराने वाहन पर प्रतिबंध
सरकार ने जिस तरह ऑटो में सीएनजी को प्राथमिकता दी है, अगर उसी प्रकार कार, बस अन्य वाहनों में सीएनजी को प्राथमिकता दे। डीजल और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों को प्रतिबंधित कर दें तो पर्यावरण में सुधार तो होगा ही। सीएनजी को बढ़ावा मिलने से सीएनजी पंप बढ़ाने की योजना को भी लाभ पहुंचेगा।

बढ़ावा देना होगा
सीएनजी की खपत अभी ऑटो में ज्यादा है, कारों में कम है। इसकी खपत को बढ़ाने के लिए दिल्ली की तर्ज पर सरकार को 15 साल पुराने पेट्रोल डीजल वाहनों को बंद कर सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देना होगा। पर्यावरण के दृष्टि से भी से बेहतर है। राजधानी में 15 पंपों पर हर माह एक हजार केजी सीएनजी की खपत है।
अजय सिंह, अध्यक्ष, मप्र पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन