
पढऩा-लिखना के बाद साक्षरता के लिए आएगा नवभारत साक्षरता अभियान
भोपाल. अलग-अलग कारणों की वजह से अक्षरज्ञान से महरूम 15 वर्ष से अधिक के आयुवर्ग के लोगों को साक्षर बनाने के लिए चलाया जा रहा पढऩा-लिखना अभियान 31 मार्च 2022 को समाप्त होगा, पर एक अप्रेल से इस प्रकल्प को पूरा करने के लिए एक अप्रेल 2022 से 2027 तक नवभारत साक्षरता अभियान चलेगा। अभियान को गति देने और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की बैठक हुई। इसमें 52 जिलों के प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयकों में से 42 की भागीदारी रही। साथ ही राज्य शिक्षा केंद्र, जन अभियान परिषद और राष्ट्रीय सेवा योजना के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों को पांच समूहों में बांटकर विषयवार जानकारी ली गई। साक्षरता अभियान के लिए छात्र-छात्राओं मसेत सेवानिवृत्त शिक्षकों या अन्य शासकीय कर्मचारियों को अक्षर साथी के रूप में तैयार करने की बात कही गई है। ये अक्षर साथी ग्राम या शहरी क्षेत्रों में तय स्कूल या अन्य शासकीय भवन में पाठशाला लगाएंगे।
बैठक में तय इन बिन्दुओं पर बनेगी रणनीति
-सभी शालाओं के बाहर नोटिस बोर्ड पर पढऩा-लिखना अभियान की सूचना अनिवार्य रूप से दर्ज हो।
-ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर नुक्कड़ नाटक, रैली, वॉल पेंटिग के जरिये अभियान का प्रचार-प्रसार।
-स्व सहायता समूहों समेत महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत आने वाली आंगनवाडिय़ों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं को इस अभियान से जोडऩा।
-शासकीय विभागों या अन्य संस्थाओं से अक्षर साथी के रूप में लोगों को चिह्नित करना।
-अभियान में शामिल स्वयंसेवकों की जानकारी ऑनलाइन और मैन्युअल तरीके से संधारित किया जाए।
-अभियान के लिए ऑनलाइन सामग्री, वीडियो क्लिप आदि उपलब्ध कराई जाए।
-सामाजिक चेतना केंद्र के लिए ग्राम में सामुदायिक भवन, ग्राम पंचायत भवन, शासकीय स्कूल आदि के कम से कम एक कक्ष में पेजयल, बिजली आदि की सुविधा दी जाए।
-जनशिक्षकों द्वारा शालाओं की तरह साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत चलने वाली कक्षाओ की भी मॉनीटरिंग की जाए।
Published on:
29 Dec 2021 12:40 am
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