20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर में बंगाल की विशेष चिकनी मिट्टी से बन रही हैं देवी सरस्वती की प्रतिमाएं

भोपाल. राजधानी में वसंत पंचमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सरस्वती पूजन के लिए शहर के कई सार्वजनिक स्थानों पर मूर्तिकार द्वारा विशेष प्रतिमाएं बनवाई जा रही हैं। शहरवासियों ने अपनी पंसद की देवी प्रतिमाएं बनवाने के लिए दो महीने पहले ही ऑडर दे दिए हैं। अब मूर्तिकार प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
शहर में बंगाल की विशेष चिकनी मिट्टी से बन रही हैं देवी सरस्वती की प्रतिमाएं

शहर में बंगाल की विशेष चिकनी मिट्टी से बन रही हैं देवी सरस्वती की प्रतिमाएं

एक मूर्ति बनने में 20 से 25 दिन का समय
इ न प्रतिमाओं को बनाने में कई दिन लगते हैं। पहले लकड़ी से ढांचा खड़ा किया जाता है। फिर इस पर घास-फूंस, सुतली और लोकल मिट्टी से लेप किया जाता है। बाद में बंगाल की विशेष मिट्टी से इसे फाइनल फिनिशिंग दी जाती है। बंगाल की मिट्टी चिकनी होती है। प्रतिमा पर इसका लेप चढ़ाने के सूखने के बाद भी इसमें दरार नहीं आती। मिट्टी सूखने के बाद इस पर कपड़ा चढ़ाया जाता है और वॉटर कलर से फिर इसे रंगते हैं। आखिरी में मूर्ति को गहने से सजाते हैं।

मूर्तिकार मोहनलाल प्रजापति ने बताया कि कोई वीणाधारी देवी बनवाते हैं तो कुछ कमल के सिंहासन पर विराजमान प्रतिमाएं बनवाते हैं। मूर्तियों में मां को भव्य रूप देने के लिए हंस, कमल, शंख, चक्र, रथ, वीणा, पुस्तक आदि के साथ बनाया जा रहा है। अब लोगों की नटराज मूर्ति और पहाड़ पर विराजमान देवी की डिमांड भी काफी बढ़ गई है।