20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नॉन स्टिक बर्तन की कोटिंग टूटी हो तो न पकाएं खाना, हो सकता है नुकसान

नॉन स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। बदलते जमाने के साथ लोहे व स्टील की कड़ाही और तवे की जगह पर नॉन स्टिक बर्तन खरीदे जा रहे हैं। शहर में 70 करोड़ के करीब का बर्तन का बाजार है, जिसमें 50 से 55 फीसदी हिस्सेदारी नॉनस्टिक बर्तनों की है।

less than 1 minute read
Google source verification
नॉन स्टिक बर्तन की कोटिंग टूटी हो तो न पकाएं खाना, हो सकता है नुकसान

नॉन स्टिक बर्तन की कोटिंग टूटी हो तो न पकाएं खाना, हो सकता है नुकसान

मगर इन बर्तनों के इस्तेमाल करने की एक समय सीमा होती है। जिसके बाद यह बर्तन आपको कई गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकते हैं। जानकारों की मानें तो इन बर्तनों के इस्तेमाल से कैंसर के साथ फेंफड़े खराब होने का खतरा होता है। क्योंकि इन पर होने वाली विशेष कोटिंग कुछ समय बाद टूटने लगती है। जिससे शरीर में खाने के साथ हानिकारक केमिकल जाने लगते हैं।

इन बातों का ध्यान रखें

क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान, भोपाल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ पराग शर्मा के अनुसार नॉन स्टिक बर्तनों में पकाया भोजन से शरीर बहुत तरह के रोगों से ग्रसित हो सकता है। शरीर में आयरन की कमी हो सकती है और व्यक्ति एनीमिक हो सकता है। साथ ही याददाश्त में कमी, भूलने के साथ कैंसर और फैफड़ों पर भी गंभीर असर होता है।

इन बातों का ध्यान रखें
- इन बर्तनों के लिए विशेष कलछी का इस्तेमाल करें और कम तापमान पर खाना पकाएं
- इन बर्तनों को लोहे के तार से घिसकर साफ न करें।
- इनमें कोङ्क्षटग निकलती हुई दिखे तो इस्तेमाल बंद कर दें।
- एक साल उपयोग के बाद बर्तनों को बदल दें।
- पहले से गर्म न करें, तलने-भुनने का काम न करें