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अब बिना एईआरबी प्रमाणपत्र के नहीं होंगे एक्स-रे, सिविल अस्पताल-स्वास्थ्य केन्द्र होंगे रेडिएशन मुक्त

-जिला अस्पतालों में एक्स-रे का रेडिएशन, अब एईआरबी जारी करेगा प्रमाण-पत्र

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अब बिना एईआरबी प्रमाणपत्र के नहीं होंगे एक्स-रे, सिविल अस्पताल-स्वास्थ्य केन्द्र होंगे रेडिएशन मुक्त

अब बिना एईआरबी प्रमाणपत्र के नहीं होंगे एक्स-रे, सिविल अस्पताल-स्वास्थ्य केन्द्र होंगे रेडिएशन मुक्त

भोपाल. प्रदेश में सिविल अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में संचालित एक्स-रे से होने वाले जानलेवा संक्रमण को रोकने की व्यवस्था नहीं है। यहां एटोमिक एनर्जी रेग्यूलेटरी बोर्ड (एईआरबी) की गाइडलाइन को ताक पर रख एक्स-रे किए जा रहे हैं। इससे न केवल रोगी के परिजन, बल्कि एक्स-रे रूम में कार्यरत कर्मचारियों को भी नुकसान होने का खतरा मंडराता रहता है। एनएचएम अब इन अस्पतालों को रेडिएशन मुक्त करने का प्रयास कर रहा है। प्रदेश के सभी सिविल अस्पतालों और एक्स-रे सुविधा वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को एईआरबी का प्रमाण-पत्र दिलाने की तैयारी है। सरकार ने एईआरबी के मानक को पूरा करने के लिए ७० -७० हजार रुपए की राशि दी है।

लेड शीट और टीएलडी बैज जरूरी
एईआरबी ने एक्स-रे यूनिट के लिए मापदंड तय किए है। इसमें सबसे प्रमुख एक्स-रे यूनिट के दरवाजे और खिड़कियों पर लेडशीट का होना अनिवार्य है। इसके साथ ही मापदंड के अनुसार एक्स-रे का मुंह दीवार की होना चाहिए, जहां खिड़की न हो। यही नहीं एक्स-रे करने वाले कर्मचारियों को टीएलडी बैज पहनना भी जरूरी है। यह कर्मचारियों में संक्रमण के स्तर की गणना करता है।

तीन कर्मचारी मिले थे बीमार
भाभा एटोमिक रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (बार्क) की टीम ने पिछले साल राजधानी में चल रहे एक्सरे यूनिट की जांच की थी। इस दौरान जेपी और हमीदिया अस्पताल सहित किसी भी अस्पताल में संक्रमण रोकने की व्यवस्था नहीं थी। तीन कर्मचारी भी एेसे मिले थे, जिन्हें संक्रमण के चलते कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो गई थी।

रेडिएशन से हो सकती हैं खतरनाक बीमारी
डाक्टरों के अनुसार रेडिएशन से कई खतरनाक बीमारी होने की आशंका रहती है। इनमें कैंसर, किडनी और लीवर खराब होना, हार्ट अटैक सहित अन्य घातक बीमारियां शामिल हैं। रेडिएशन करीब दस से पंद्रह साल के बाद असर दिखाता है और गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है।

यह हंै प्रमुख नियम
-एक्स-रे यूनिट की दरवाजे पर लेड शीट होना अनिवार्य।

-एक्स-रे मशीन का मुंह दीवार की ओर होना चाहिए।
-एक्स-रे के समय यूनिट के अंदर अन्य कोई व्यक्ति नहीं होना चाहिए।

-एक्स-रे यूनिट की दीवार की मोटाई नौ इंच की होना जरूरी।
-सभी उपकरण का नियमित रखरखाव किया जाए।

लेड शीट का का होना अनिवार्य है। जिला अस्पतालों के बाद अब सिविल अस्पताल और सीएचसी में भी तय मानक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. पंकज शुक्ला, संयुक्त संचालक, एनएचएम