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एक बदमाश जो माध्यमिक शिक्षा मंडल का लोगो लगाकर बेचता था बोर्ड परीक्षाओं का फर्जी पेपर

- भोपाल पुलिस ने भी चार शिक्षकों को किया गिरफ्तार - साइबर क्राइम ने मंडीदीप से किया आरोपी को गिरफ्तार- टेलीग्राम पर बना रखा था ग्रुप- 10वीं-12वीं का पेपर होने का दावा कर ऑनलाइन लेता था पैसा

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भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल के लोगो का उपयोग कर दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं का फर्जी पश्नपत्र बेचने वाला आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से पश्नपत्र उपलब्ध कराने वाले आरोपी को शनिवार को साइबर क्राइम ब्रांच ने मंडीदीप से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रश्नपत्र के बदले 600-1000 रुपए छात्रों से अपने पेमेंट ऐप के वॉलेट में डलवाता था। फिलहाल टीम उससे पूछताछ कर रही है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि आरोपी से पूछताछ में कई और जानकारी सामने आ सकती है। अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

डीसीपी क्राइम ब्रांच अमित कुमार ने बताया कि आरोपी कौशिक दुबे पिता श्याम कुमार दुबे निवासी मंडीदीप बीकॉम थर्ड ईयर का छात्र है। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा नियंत्रक ने 4 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कुछ असामाजिक तत्व मंडल के लोगो का इस्तेमाल कर टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र बेच रहा है।

वहां लिंक के माध्यम से मंडल की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करते हुए छात्रों से भीम ऐप के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही है। शिकायत के बाद तथ्यों और तकनीकी माध्यम से जानकारी जुटाते हुए टीम ने आरोपी कौशिक दुबे को गिरफ्तार किया।

बैंक पासबुक, मोबाइल और सिम जब्त
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसके पास से एक बैंक पासबुक, एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार कौशिक दुबे के बयानों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने एक और आरोपी को कस्टडी में लिया है, उससे भी पूछताछ जारी है।

पेपर वायरल करने के मामले में चार शिक्षक गिरफ्तार
इधर, शनिवार को भोपाल की छोला थाना पुलिस ने भी एमपी बोर्ड की 12वीं का केमिस्ट्री पेपर लीक करने के आरोप में चार शिक्षकों को गिरफ्तार किया है। विद्यासागर स्कूल में परीक्षा में ड्यूटी कर रहे इन चारों शिक्षकों ने परीक्षा हॉल से पेपर का फोटो खींचकर वायरल किया था। इनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की जा रही है।

मंडल ने कहा पेपर नहीं हुए लीक, परीक्षा पर कोई असर नहीं
माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने बोर्ड परीक्षाओं के पेपर लीक होने से इनकार किया है। मंडल ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल हो रहे प्रश्न-पत्र मंडल के वास्तविक प्रश्न-पत्रों से अलग हैं । कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश विश्वकर्मा ने बताया कि कुछ स्थानों पर वायरल हो रहे प्रश्न पत्र, केन्द्र पर बच्चों के उपस्थित हो जाने और प्रश्न-पत्रों के सीलबंद पैकेट खोले जाने के बाद वायरल किए गए हैं।

ऐसे में मंडल की परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र को लीक होना नहीं कहा जा सकता है। ऐसे व्यक्तियों पर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। ऐसे में कोई परीक्षा दोबारा कराए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।

लापरवाही के चलते अभी तक 19 निलंबित
मंडल की परीक्षाओं में घोर लापरवाही बरतने के कारण लोक शिक्षण संचालनालय ने 6 केन्द्राध्यक्ष, 7 सहायक केन्द्राध्यक्ष, 5 शिक्षक और एक अन्य सहित 19 शिक्षकों को निलंबित किया है।

वहीं शिक्षक और कियोस्क वाले ने किया था पेपर लीक
धार में नालछा के स्कूल में 17 मार्च को अंग्रेजी का पर्चा वायरल करने के मामले में अतिथि शिक्षक सुमित यादव सहित पांच को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि मोबाइल के माध्यम से प्रश्नपत्र को सत्येंद्र सिंह दरबार, दशरथ सोलंकी और तन्मय को भेजा गया। प्रश्न पत्र मयंक इंदुरकर वासु की दुकान पर होने से उसे गिरफ्तार कर कम्प्यूटर और पांच मोबाइल जब्त किए गए हैं।