
भोपाल/ मध्यप्रदेश हनी ट्रैप मामले का दायरा अब बढ़ता ही जा रहा है। जांच कर रही एजेंसियां लगातार इस मामले में नई कड़ियां जोड़ रही हैं। साथ ही कई खुलासे भी हो रहे हैं। अब पुलिस आठ साल पुरानी एक कहानी को और खोलने जा रही है। जिसके तार भी कथित रूप से अफसर और नेताओं से जुड़े थे। भले ही उस मामले की जांच बेनतीजा रही हो लेकिन होटल से गिरफ्तार एक कॉल गर्ल ने उस वक्त दो मंत्री और एक आईपीएस अफसर का नाम ली थी।
दरअसल, हनी ट्रैप मामले की जांच कर रही एजेंसियों को लगता है कि उस केस से इसका भी कोई संबंध हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस उस केस को फिर से खोलने की तैयारी कर रही है। इस केस को अगर पुलिस खोलती है तो कई रसूखदार फिर से फंस सकते हैं। दरअसल, आज से आठ साल पहले भोपाल के एक एमपी नगर स्थित एक होटल से दिल्ली की कॉलगर्ल की गिरफ्तारी हुई थी। उसने कई खुलासे किए थे।
क्या है सिमरन केस
मार्च 2011 में हाई प्रोफाइल एस्कॉर्ट सर्विस की सदसय सिमरन को भोपाल के एमपी नगर स्थित होटल रेसीडेंसी से गिरफ्तार किया गया था। भोपाल के महिला थाने में केस रजिस्टर्ड है, जिसका केस नंबर 18/2011 है। उस वक्त भी जांच में यह बात सामने आई थी कि इसका इस्तेमाल अफसरों को ट्रैप करने के लिए किया जाता था। बताया जाता है कि उस वक्त जो इसके कॉल डिटेल्स मिले थे, उसमें कथित रूप से दो बीजेपी के मंत्रियों और एक पुलिस अफसर का नाम था।
इंदौर भी गई थी
उस वक्त सिमरन ने कहा था कि वह भोपाल आने से पहले दो दिन तक इंदौर में भी रूकी थी। पुलिस रिमांड के दौरान उसने पुलिस के सामने कई खुलासे किए थे। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा तो यह भी जाता है कि सिमरन के साथ कई और लड़कियां पकड़ी गई थीं, जिन्हें छोड़ दिया है। सिमरन दिल्ली से फ्लाइट से भोपाल आती थी। यहां पहुंचते ही लोग उसके खाते में पैसे जमा करवा देते थे।
दिल्ली के होटल में मैनेजर थी सिमरन
बताया जाता है कि सिमरन दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में मैनेजर थे। वह गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले पूरे देश में देह व्यापार रैकेट को संचालित करने वाले सुधांशु गुप्ता से जुड़ी थी। सिमरना का पूरा नाम राजिंदर कौर था। उसके कॉल डिटेल्स के अनुसार दो पूर्व मंत्रियों और एक पुलिस अफसर से लंबी बातचीत हुई थी। लेकिन धीरे-धीरे उस मामले को दफन कर दिया गया।
सुधांशु गुप्ता था मास्टरमाइंड
दरअसल, सुधांशु गुप्ता पूरे देश में देह व्यापार का बड़ा गिरोह चलाता है। जिसमें वह हाईप्रोफाइल लोगों को कॉल गर्ल की सप्लाई करता था। साथ ही उन्हें ब्लैकमेल भी करता था। उस दौरान दिल्ली के एक और दलाल अब्बास का नाम भी सामने आया था। जिसे भोपाल पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। ऐसे में कहा जा रहा है कि श्वेता विजय जैन के संपर्क उस वक्त उस गिरोह से भी थे।
पर्दाफाश करने वाले लोगों को देता था धमकी
इस मामले में उस वक्त सभी बड़े अफसरों ने चुप्पी साधे रखी थी। लेकिन इस रैकेट के खुलासा करने वाले दो लोगों को सुधांशु गुप्ता फोन कर धमकी देता था। दोनों ने तत्कालीन गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता को ज्ञापन सौंप उस वक्त सुरक्षा की मांग की थी।
Published on:
25 Sept 2019 07:12 pm
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