भोपाल। केंद्रीय स्वच्छता मिशन सर्वे 2017 में शहर मोबाइल एप के मामले में पिछड़ गया है। रियल टाइम वेस्ट कलेक्शन के लिए नगर निगम ने जून 2016 में एंड्रायड सिस्टम पर चलने वाला स्वच्छ मैप एप लॉन्च किया था। 20 लाख की आबादी वाले शहर में पिछले 6 माह में इस एप को 10 हजार से भी कम लोगों ने डाउनलोड किया है जिसके चलते मोबाइल एप के लिए निर्धारित 75 अंक शहर के स्वच्छता सर्वे फार्मेट से काट लिए जाएंगे।
केंद्र सरकार ने शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा के लिए मोबाइल एप के अलावा वेब बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम को भी मानक बनाया था। बीएमसी कॉल सेंटर इस विकल्प को पूरा करने में फ्लॉप रहा हुआ है। आईएसबीटी स्थित कॉल सेंटर का जेडओ और हेल्थ अधिकारियों में तालमेल का अभाव इसकी प्रमुख वजह है।
साफ है कि आईटी सिस्टम के जरिए शहर को साफ रखने की कवायद में बीएमसी खरा नहीं उतरा है। ये नौबत तब है जब 2017 के परिणाम तैयार होने में चंद रोज शेष हैं एवं केंद्रीय दल शहर का भौतिक सत्यापन करने पहुंचने वाला है।
इसमें सिर्फ एप के नंबर शामिल नहीं हैं। जनजागरूकता के प्रयासों को भी फार्मेट में जोड़कर परिणाम तैयार किए जाएंगे।
एमपी सिंह, अपर आयुक्त, सफाई