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भोपाल के इन मंदिरों में सुरक्षा शून्य, हो सकता है केरल जैसा हादसा

केरल में हुए हादसे से सबक लेना चाहिए। यहां भी मंदिरों में आग जैसी घटना से बचने के कोई खास इंतजाम नहीं हैं।

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Juhi Mishra

Apr 10, 2016

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भोपाल। केरल के मंदिर में हुई आतिशबाजी ने अब तक 105 लोगों की जान ले ली है। आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण मंदिर में यह बड़ा हादसा हुआ। यह कोई पहली घटना नहीं है बल्कि इसके पहले सलकनपुर में भीड़ बढऩे से मची अफरा-तफरी में भी दर्जनों लोग अपने प्राण गवां चुके हैं। हर साल प्रमुख त्यौहारों पर मंदिरों में छोटी से लेकर बड़ी घटनाएं हो रहीं हैं जिसमें जान-माल का नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके मंदिर समीतियां, स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। केरल के मंदिर में हुई घटना के बाद पत्रिका. कॉम ने भोपाल के प्रसिद्ध मंदिरों की पड़ताल कर जानने की कोशिश की कि वहां ऐसी किसी घटना से निपटने के लिए क्या इंतजाम ैहैं? जानिए क्या है मंदिरों की वास्तिविक स्थिति....


यहां फंसे तो कैसे बचेंगे
रायसेन रोड पर स्थित कंकाली माता मंदिर में इन दिनों रोजाना 20 हजार श्रृद्धालु पहुंच रहे हैं। मुख्य सड़क से तीन किमी. स्थित इस मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बहुत खराब है। मंदिर के भीतर 6 दरवाजे हैं कि लेकिन प्रबंधन ने आने जाने के लिए दो दरवाजे ही खोले हैं। लाइन बनाएं रखने के लिए नायलोन की रस्सी बांधी गई है। यदि कोई हादसा होता है तो भीड़ का मंदिर से निकलना ही मुश्किल है। अग्रिशमन यंत्र न होने और खिड़कियों के बंद होने से अगजनी की घटना भयंकर रूप ले सकती है।


पहले भी हो चुकी है भूल
सलकनपुर मंदिर में पिछले वर्ष भगदड़ मचने के कारण दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस बार भी मंदिर प्रबंधन ने यहां सुरक्षा के लिहाज से कोई खास इंतजाम नहीं किए हैं। यदि भीड़ बढ़ जाए तो सीढिय़ों से उतरने में हादसा हो सकता है। दुकानों की संख्या बढऩे के कारण रास्ता भी संकरा हो गया है। आग जैसी घटना से बचने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं है।


हर जगह मौत का सामान
छोटा तालाब स्थित काली मंदिर में रोजाना कम से कम 5 हजार भक्त पहुंचते हैं। परिसर बड़ा होने के बाद भी यहां जगह-जगह टूटे हुए नारियल और फूल मालाएं बिखरी हैं। सूखे फूलों के ढ़ेर हैं। जो आग लगने की स्थिति में हादसे को और गंभीर रूप देने के लिए काफी हैं। मंदिर परिसर में अग्रिशनम यंत्र, एम्बुलेंस और फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं हैं।


कैसे पहुंचेगी मदद
पुराने शहर की संकरी सी गई में स्थिति प्रसिद्ध देवी मंदिर कफ्यू वाली माता के दर्शनों की लंबी लाइन लग रही है। मंदिर में भीड़ के अनुपात में जगह काफी कम है। सबसे बड़ी मुश्किल मंदिर पहुंचने की है। दुकानों के अतिक्रमण के कारण रास्ता काफी संकरा हो गया है। भीड़भाड़ वाले इलाके में यदि कोई धमका होता है तो मंदिर समेत आसपास के क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचेगा। यहां तत्काल फायरब्रिगेड और एम्बुलेंस भी नहीं पहुंच सकेगी।

देखें वीडियो

सलकनपुर मंदिर में सुरक्षा के इंतजाम नहीं, देखें वीडियो

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