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नई तकनीक से वाहन चालकों में हड़कंप, रेड सिग्नल तोड़ते ही आधे घंटे में मिलने लगा चालान

नई तकनीक से वाहन चालकों में हड़कंप, रेड सिग्नल तोड़ते ही आधे घंटे में मिलने लगा चालान

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भोपाल

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Manish Geete

May 29, 2018

new traffic rule

aidilade plan

भोपाल। मध्यप्रदेश में ट्रैफिक व्यवस्था अब चुस्त होने जा रही है। एक छोटी सी भी गलती करने पर वाहन चालक को भारी जुर्माना भरना होगा। नई तकनीक के जरिए अब रेड सिग्नल तोड़ने वाले वाहन चालकों के घर पर चालान भेजे जा रहे हैं। रूल तोड़ने वाले सैकड़ों लोगों को चालन भेजने के बाद से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया है।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आईटीएमएस (इंट्रिगेटेड ट्रैफिक सिस्टम) शुरू कर दिया गया है। इस नई तकनीक से पहला चालान भोपाल के बोर्ड आफिस चौराहे पर रूल तोड़ने पर बना है। पुष्पेंद्र नामक व्यक्ति का यह चालान बना है। रूल तोड़ने के आधे घंटे में ही उनका चालान बन गया और अफसरों के हाथ में पहुंच गया। चालान को स्पीड पोस्ट से द्विवेदी के राजहर्ष कोलार रोड स्थित पते पर भेजा जाएगा।


-इसके बाद एक-एक करके 381 वाहन चालकों को रूल तोड़ते हुए पकड़ा। इसके बाद चालान बनाने की कार्रवाई शुरू हुई। संभागायुक्त अजातशत्रु श्रीवास्तव और आईजी जयदीप प्रसाद की मौजूदगी में पहला चालान बनाया गया।

सिग्नल तोड़ा तो वाहन चालक का पूरा बायोटाडा सामने होगा
इस नई तकनीक के जरिए किसी वाहन चालक के रेड सिग्नल तोड़ते ही ट्रैफिक पुलिस के कम्प्यूटर स्क्रीन पर वाहन चालक का पूरा बायोडाटा सामने आ जाएगा। इसमें वाहन मालिक का नाम, पता, वाहन का मैक, वाहन का मॉडल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, रोड टैक्स आदि की जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी।

वाट्सअप के जरिए भी भेजा जाएगा चालान
वाहन चालकों को चालान की कापी घर के पते पर भेजी जाएगी। क्योंकि रजिस्ट्रेशन से वाहन और मालिक का बायोडाटा मिल जाएगा। हालांकि रजिस्ट्रेशन के साथ ही वाट्सअप नंबर नहीं होने के कारण फिलहाल घर के पते पर ही चालान भेजा जा रहा है। बाद में जब सभी रजिस्ट्रेशन नंबर, लाइसेंस को मोबाइल फोन से जोड़ दिया जाएगा, तब मोबाइल पर इसकी सूचना दे जाएगी और चालान भेजा जाएगा।


ऑनलाइन जमा करने की सुविधा
-नई तकनीक के जरिए कैसे चालान बनाना शुरू हो गया है, इसी के साथ ही जुर्माने की राशि को ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
-कुछ दिन बाद वाट्सअप और एसएमएस के जरिए चेतावनी भेजी गई थी। इस कारण रूल तोड़ने के मामलों में थोड़ी कमी देखी गई।

70 प्रतिशत वाहनों की जानकारी उपलब्ध
पुलिस के पास 70 प्रतिशत वाहन चालकों और वाहन का डेटा उपलब्ध है। इसमें मोबाइल नंबर, ईमेल एडरेस, घर का पता आदि शामिल है।

कई लोग हुए कैमरे में कैद
रेड सिग्नल तोड़ने वालों पर लगाम लगाने के लिए अब कैमरे पर भी नजर रखी जा रही है। जैसे ही कोई वाहन चालक रेड सिग्नल तोड़ता हुआ आगे निकल रहा है। तुरंत ही उसका चालान बनाया जा रहा है। वो कैमरे में कैद हो जाता है तो चालान भेजने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक ऐसे कई वाहन चालक जुर्माना भर चुके हैं।