
Bike on Rent
देवेंद्र शर्मा. भोपाल. गोवा में जिस तरह आपको शहर घूमने के लिए किराए पर स्कूटर बाइक हर जगह उपलब्ध हो जाती हैं, भोपाल में भी इसकी सुविधा हैं। यहां भी आप किराए की स्कूटर, स्कूटी, बाइक किराए से लेकर घूम कर सकते हैं। निजी वाहनों का बढ़ता मेंटेनेंस खर्च और ईंधन खर्च लोगों को इन किराए की मोटरसाइकिल की तरफ आकर्षित कर रहा है। शहर में सार्वजनिक परिवहन सिस्टम की कमजोर स्थिति भी इसका बड़ा कारण है। अभी शहर में करीब 500 बाइक 5 सेंटर के माध्यम से किराए पर दी जा रही है। हर साल 20 फीसदी की दर से उपयोगकर्ता बढ़ रहे हैं। आने वाले 4 से 5 सालों में अपनी छोटे-मोटे काम व शहर घूमने के लिए लोग खुद की दो पहिया गाड़ी की बजाय किराए की गाड़ी लेना पसंद करें तो बड़ी बात नहीं होगी।
फिलहाल इनका सबसे ज्यादा उपयोग स्टूडेंट, मार्केटिंग प्रतिनिधि व एमआर ले रहे हैं। बाहर से शहर में आने वाले लोग भी अब शहर भ्रमण करने किराए की बाइक को प्राथमिकता दे रहे हैं। शनिवार रविवार के दिन सबसे ज्यादा किराए की बाइक का उपयोग किया जाता है। वीकेंड पर शहर भ्रमण करने के लिए निकलने वाले आम लोग भी इसमें शामिल है।
वीकेंड पर 100 बाइक किराए पर
- एक सेंटर से औसतन 25 से 30 बाइक रोजाना रेंट पर जाती है, लेकिन शनिवार- रविवार वीकेंड पर यह आंकड़ा 100 के करीब पहुंच जाता है। किराए की बाइक देने वाले अलग-अलग श्रेणियों की नई बाइक रखते हैं और कस्टमर को उसकी मांग के अनुसार बाइक देते हैं। जिस तरह की गाड़ी का चयन होगा चार्ज भी उतना ही लगेगा।
मोबाइल ऐप से होती है बुकिंग उस पर ही डिटेल
- रेंटल बाइक के लिए इन एजेंसियों ने अपने खुद के मोबाइल ऐप विकसित किए हुए हैं। इनकी प्रति बढ़ती रुचि इससे ही स्पष्ट होती हैं कि 10 हजार से 15 हजार लोगों ने एक एजेंसी के ऐप डाउनलोड किए हुए हैं। भोपाल काम करने वाले इन एजेंसियों से ऐप के माध्यम से 60 हजार से अधिक लोग सीधे जुड़े हुए हैं।
3 घंटे के 130 रुपए तो पूरे दिन के लिए 500 रुपए चार्ज
- किराए की बाइक घंटे से लेकर दिन के हिसाब भी मिल रही है। 130 प्रति 3 घंटे के हिसाब से बाइक दी जाती है। यदि दिन भर के लिए स्कूटी लेना हो तो चार्ज 500 रुपए के करीब रहेगा। यदि कोई स्पोर्ट बाइक है तो चार्ज बढ़ जाएगा। स्टूडेंट 3 घंटे के लिए बाइक लेते हैं, जबकि वीकेंड पर शहर भृमण करने वाले पूरे दिन का चार्ज लिया जाता हैं। बाहर से आने वाले लोग कई बार पूरे दिन या कई दिनों तक भी एक राय की बाइक का उपयोग करते हैं।
जीपीएस से एन्टी थेफ्ट डिवाइस का उपयोग
- किराए की बाइक का कारोबार करने वाली एजेंसियों ने इन गाडिय़ों की सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम किया हुआ है। राइड के लिए ले जाने वाला कहीं इन्हें चोरी ना कर ले या फिर वह तय रूट से कहीं बाहर ना ले जा सके, इसके लिए तकनीक का उपयोग किया गया है। इन एजेंसियों ने गाडिय़ों की रूट ट्रेकिंग के लिए जीपीएस सिस्टम तो कंट्रोलिंग के लिए एन्टी थेफ्ट डिवाइस लगा रखे हैं। ये ऑफिस से ही गाड़ी की स्थिति को देखते रहते हैं। इसके साथ ही गाड़ी में डिवाइस लगे हुए हैं जिससे तय स्पीड से वह अधिक नहीं चल सकती। गाड़ी देने के पहले संबंधित से उसका रूट पता कर लेते हैं। यदि तय रूट से गाड़ी को अलग ले जाने की कोशिश की जाती हैं कंट्रोलिंग टेक्निक से उसे बंद कर देते। वह फिर से अपने पुराने रूट पर लौटने की स्थिति में होने पर ही गाड़ी चालू होती हैं।
हम अभी कुछ सालों से किराए की बाइक का काम कर रहे हैं। सामान्य तौर पर स्टूडेंट मार्केटिंग मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव गाडिय़ों को लेते हैं। शनिवार- रविवार के दिन काफी अधिक गाडिय़ां किराए पर ली जाती है। अब आमजन भी किराए की गाड़ी का उपयोग करने के लिए सामने आने लगे हैं। वाहन की सुरक्षा का हमने तकनीक के माध्यम से इंतजाम किया हुआ है।
- मनीष यादव, रेंटल बाइक सेंटर संचालक
मैं विद्यार्थी हूं और यहीं एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ता हूं। अक्सर मैं यहां से रेंट पर बाइक लेता हूं और शहर में अपना काम करने के बाद बाइक को जमा कर देता हूं। इससे मुझे अलग से बाइक रखने की जरूरत नहीं पड़ती। मेरे घरवाले जब आते हैं तो उन्हें भोपाल में घुमाने के लिए भी मैं यहां से बाइक का उपयोग करता हूं।
- जगदीश सिंह, विद्यार्थी
Published on:
18 Mar 2022 12:35 am
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