27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

MP Election-2018: भाजपा पर आफत की बरसात! अब अपनों से लड़ना होगा जीत के लिए!

पूर्व सीएम बाबूलाल गौर के बाद सरताज सिंह ने भी ठोकी ताल BJP in BIG Problem! बोले अब जनता ही करेगी मेरा ये फैसला...
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 4 Nov 2018, 12:30 PM IST

sartaj singh

MP Election-2018: भाजपा पर आफत की बरसात! अब अपनों से लड़ना होगा जीत के लिए!

भोपाल@आलोक पांड्या की रिपोर्ट...

मध्यप्रदेश में होने वाले चुनावों से ठीक पहले भाजपा द्वारा जारी की गई पहली लिस्ट ने प्रदेश में हंगामा BJP in BIG Problem मचा दिया है। जिसके चलते भाजपा से जुड़े कई लोग अब भाजपा के ही विरोध में उतरते हुए उसकी जीत के सपने को धुंधला करते जा रहे हैं।

अभी भाजपा लगातार हर ओर से हो रही बगावत से निपटने की तैयारी शुरू ही कर रही थी, कि अचानक एक और बड़ी परेशानी उसके सामने आकर खड़ी हो गई है।

जानकारी के अनुसार शनिवार को जहां गोविंदपुरा सीट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल गौर के समर्थक BJP in BIG Problem सड़क पर उतर आए थे, वहीं आज यानि रविवार को भाजपा के पूर्व मंत्री सरताज सिंह भी भाजपा के सामने आ खड़े हुए हैं।

दरअसल शनिवार को कृष्णा गौर ने कहा था कि मैं किसी भी कीमत पर चुनाव तो गोविंदपुरा से ही लडूंगी BJP in BIG Problem। मुझे पीड़ा है कि संगठन के लिए काम किया, फिर भी मुझे टिकट क्यों नहीं दिया जा रहा है? कई नेताओं के बच्चों को टिकट मिले हैं इसके उदाहरण भी मेरे पास हैं।'

उनके इस बयान से भाजपा अभी संभल भी नहीं पाई थी कि रविवार को अचानक पूर्व मंत्री सरताज सिंह भी भाजपा पर बिफर BJP in BIG Problemगए। पूर्व मंत्री सरताज सिंह ने अपने बयान में कहा कि टिकट नहीं मिला तो भी मैं कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करूंगा।

निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत -

उन्होंने कहा कि जनता चाहती है कि मैं लड़ूं चुनाव। ऐसे में यदि टिकट नहीं मिलता है, तो सिवनी मालवा जाकर जनता की राय लूंगा। मेरी सीट होल्ड करने जैसी स्थिति नहीं थी। कुल मिलाकर सरताज सिंह ने आज निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं।

उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 200 पार की बात महज एक नारा। वहीं वे यह कहने से भी नहीं चूके कि यदि बीजेपी की सरकार आई तो वह हमारी उपलब्धि होगी।

मनाने की कोशिशें शुरू...
वहीं सूत्रों के अनुसार इस संबंध में जानकारी मिलते ही भाजपा में हड़कंप मच गया है। जिसके बाद जानकारी के अनुसार सरताज सिंह की नाराजगी दूर करने के लिए खनिज निगम अध्यक्ष शिव चौबे उनसे मिलने पहुंचे। अभी उनकी चर्चा बंद कमरे में चल रही है।

शिव चौबे ने कई मामलों में सरकार की ओर से मध्यस्थता की है। साथ ही वे सीएम शिवराज के करीबी माने जाते हैं।

ये बोले थे पूर्व सीएम गौर...
इससे पहले शनिवार को पूर्व सीएम बाबूलाल गौर ने कहा था कि दो दिन तक कुछ नहीं बोलूंगा, इसके बाद पत्ते जरूर खोलूंगा।

उन्होंने कहा कच्ची चीज खाने में मजा नहीं आता, जब तक पार्टी का निर्णय नहीं होगा, तब तक मैं कुछ नहीं कहूंगा।'


मंदिर में विशेष पूजा: बाबूलाल गौर सुबह गुफा मंदिर पहुंचे। उन्होंने महंत चंद्रमा दास त्यागी के सान्निध्य में विशेष पूजा की। फिर गौर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से फोन पर बात की। दोपहर में गौर के बंगले पर कांग्रेस कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल मिलने पहुंचे।

समर्थकों में आक्रोश: गोविंदपुरा सीट से वीडी शर्मा, आलोक शर्मा के नामों की चर्चा सुन शनिवार सुबह गौर समर्थक बरखेड़ा पठानी स्थित रविदास मंदिर में एकत्र हुए। सभी ने कहा कि 40 साल से भाजपा गोविंदपुरा से प्रत्याशी का नाम पहली सूची में ही जारी करती आई है।

इधर, गोविंदपुरा सीट पर घमासान जारी...
कृष्णा गौर के गोविंदपुरा सीट को बाबूलाल गौर द्वारा बीजेपी की सीट बनाने के बयान पर रविवार को पर्यटन निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक ने कटाक्ष किया है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति कोई सीट ना बनाता है ना बिगड़ता है भारतीय जनता पार्टी की साख भारतीय जनता पार्टी के कार्य और भारतीय जनता पार्टी की सीट गोविंदपुरा है। उनका कहना है कि बीजेपी गोविंदपुरा से जिसको भी टिकट देगी प्रचंड बहुमत से जीतेगा।

वहीं कृष्णा गौर के निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी पर तपन भौमिक ने कहा कि इसके लिए पार्टी के लोग ही निर्णय करेंगे और बीजेपी के नेताओं का निर्णय ही अंतिम निर्णय होगा।

ये हुआ था एक दिन पहले शनिवार को...
- टिकट न मिलने पर कांग्रेस से नाराज संजीव सक्सेना ने दक्षिण पश्चिम से निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। सक्सेना पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में इसी सीट से चुनाव हारे थे।
- हुजूर से भाजपा के पूर्व विधायक जितेंद्र डागा के कांग्रेस में शामिल होने का मैसेज वायरल हुआ। डागा ने बाद में स्पष्ट किया- अभी तो मैं जहां हूं, वहीं ठीक हूं।
- पार्षद मनफूल श्याम मीणा, भगवानदास सबनानी ने भी रामेश्वर शर्मा को टिकट दिए जाने का विरोध किया।

- बैरसिया में विष्णु खत्री का भी विरोध हो रहा है।