
Big decision on booster dose
भोपाल. कोरोना संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है और इससे बचने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारें कवायद में जुटी हैं. केंद्र सरकार ने 15 से 18 साल के किशोरों के लिए टीकाकरण की शुरुआत की बात कही है। इसके साथ ही फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल से ज्यादा के वे लोग, जिन्हें कोई अन्य बीमारी है, उन्हें भी वैक्सीन की एक और प्रिकॉशन (बूस्टर) डोज दी जाएगी। किशोरों के लिए तीन जनवरी से तो बुजुर्गों के लिए 10 जनवरी से टीकाकरण की शुरुआत होगी।
दूसरे और तीसरे डोज के बीच नौ महीने का अंतर जरूरी
इसके नियम-ट्रेनिंग के लिए मंगलवार को केन्द्रीय अधिकारियों के साथ राज्य के स्वास्थ्य विभाग की बैठक होगी। सामान्य तौर माना जाता है कि वैक्सीन का असर छह से सात महीने बाद कम होने लगता है। ऐसे में बूस्टर डोज और सेकंड डोज में कम से कम नौ महीने का अंतर होना चाहिए। ऐसे में 10 जनवरी से उन लोगों को वैक्सीन की शुरुआत की जाएगी जिनको दूसरा डोज मार्च से पहले लगा हो। इधर बच्चों को अपना आईडी प्रूफ लगाना होगा।
बूस्टर डोज के लिए 45 प्लस और 60 प्लस दोनों को डॉक्टर का कोमार्बिटिज सर्टिफिकेट कोविन एप पर अपलोड करना पड़ेगा। बताया गया है कि सरकार की कॉमोर्बिटिज लिस्ट में 22 बीमारियां शामिल हैं।
कई बच्चों के पास आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि वैसे तो अब इसको लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं आई है, लेकिन बच्चे के पास अगर स्कूल का आईकार्ड है तो वह भी मान्य होगा। अगर वहां भी नहीं है तो इस बारे में केन्द्रीय विभाग ही निर्देश जारी करेगा। बच्चों के लिए आज गाइडलाइन जारी होगी. बच्चों के साथ बूस्टर डोज के लिए अन्य निर्देश भी मिल सकते हैं. इसी दौरान टीकाकरण को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
ये है लक्षित आबादी
कैटेगरी लक्षित आबादी
15 से 18 वर्ष— 30 लाख
हेल्थ वर्कर— 5 लाख
फ्रंटलाइन वर्कर— 5 लाख
60 से ज्यादा उम्र वाले— 60 लाख
Updated on:
28 Dec 2021 08:36 am
Published on:
28 Dec 2021 08:31 am
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