4 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ई-टेंडर घोटाले में आरोपी वड़ोदरा की माधव इंफ्रा कंपनी को 2 हजार करोड़ के 18 टेंडर मिले, अब जांच में नहीं पहुंच रहे

e*ई-टेंडर घोटाले में आरोपी वड़ोदरा की माधव इंफ्रा कंपनी को 2 हजार करोड़ के 18 टेंडर मिले, अब जांच में नहीं पहुंच रहे  

2 min read
Google source verification
e tender scam

e tender scam

भोपाल@राधेश्याम दांगी की रिपोर्ट...
ई-टेंडर घोटाले में वड़ोदरा की माधव इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लि कंपनी को करीब 2 हजार करोड़ रुपए के 18 टेंडर अवॉर्ड किए गए। लोक निर्माण विभाग और सडक़ विकास निगम सहित अन्य विभागों के जो 9 टेंडर निरस्त किए गए हैं, जिनके आधार पर ईओडब्ल्यू ने एफआइआर दर्ज की हैं, उनमें एक टेंडर माधव इंफ्रा का भी है।

ईओडब्ल्यू ने माधव इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के एमडी अमित खुराना को पूछताछ के लिए नोटिस दिया है, लेकिन वह जांच में सहयोग ही नहीं कर रहा है। उलट जांच प्रभावित करने के लिए अमित खुराना ने ईओडब्ल्यू के अफसरों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। एफआइआर में नाम आने के बाद से ही अमित खुराना और माधव इंफ्रा के पदाधिकारियों ने इसे साधना शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि अमित खुराना को मप्र के एक प्रमुख सचिव स्तर के अफसर की शह मिली हुई हैं, जिसके कारण वह ईओडब्ल्यू के अफसरों के नोटिस का न तो जवाब दे रहे और न ही पूछताछ के लिए बुलाने पर ईओडब्ल्यू के दफ्तर पहुंच रहे हैं। ईओडब्ल्यू ने खुराना को अपना कथन देने के लिए 27 अप्रैल और फिर 1 मई को बुलाया था, लेकिन वह दोनों ही बार नहीं पहुंचे।

इसके बाद ईओडब्ल्यू ने बुधवार को फिर नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि आइएएस अफसर के संरक्षण के कारण अमित खुराना ईओडब्ल्यू के नोटिस की परवाह ही नहीं कर रहे। पत्रिका ने खुराना के फोन नंबर 6353276048 पर संपर्क करना चाहा, लेकिन उनका फोन बंद मिला। ऑस्मो आइटी कंपनी के संचालकों और एसईडीसी के निलंबित ओएसडी एनके ब्रम्हे से पूछताछ के बाद खुराना और ऑस्मो आइटी सॉल्यूशंस प्रालि कंपनी की भी सांठगांठ का पता चला है।

इसी तरह, लोक निर्माण विभाग, पीआइयू, सडक़ विकास निगम और अन्य निर्माण कार्य के ठेके माधव इंफ्रा को मिलते गए। ईओडब्ल्यू की अब तक की जांच में 18 टेंडर मिलना पाया गया हैं। यदि जांच का दायरा बढ़ाया जाता हैं तो हो सकता है इस कंपनी को और भी टेंडर मिलने की जानकारी हाथ लगे।

इस मामले में ईओडब्ल्यू के डीजी केएन तिवारी का कहना है कि माधव इंफ्रा को नोटिस दिया गया है और विवेचना की जा रही है।

आरडीसी से टेंडर मिलते गए
- माधव इंफ्रा को खंडवा के खालवा ब्लॉक में जिला मुख्य मार्ग बनाने का एक टेंडर, 24 अप्रैल, 2017 में 86 करोड़ 24 लाख 72 हजार रुपए का अवॉर्ड किया।

- एक टेंडर बैरसिया, नरसिंहगढ रोड बनाने का इसे दिया गया। 24 जून, 2017 को 100 करोड़ 48 लाख से ज्यादा का टेंडर अवॉर्ड किया।
- एक अन्य टेंडर 29 दिसंबर, 2017 का है, जिसमें ईओडब्ल्यू को माधव इंफ्रा कंपनी द्वारा टेंपरिंग करना पाया है। इसमें पीयूश कुमार चतुर्वेदी और राजेंद्र कुमार खाड़े की यूजर आईडी इस्तेमाल की गई।