
आयकर छापा: एक करोड़ नकद मिला इस ठेकेदार के यहां...
भोपाल/होशंगाबाद। आयकर विभाग के अफसरों ने गुरुवार को इटारसी में रेलवे ठेकेदार रवि तिवारी समेत सुरेश गोयल और मुकुल कक्कड़ के ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।
जांच टीम को इटारसी, मुंबई और हैदराबाद में कार्रवाई के दौरान करीब एक करोड़ रुपए नकद, बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज और सोना-चांदी के आभूषण मिले हैं।
बड़ी कार्रवाई इटारसी में की गई, जहां ठेकादार की फर्म और उनसे जुड़े एसोसिएट्स के 11 ठिकानों को जांच में लिया गया है। देर रात तक अधिकारी दस्तावेजों की पड़ताल में जुटे रहे। जिन ग्रुपों पर कार्रवाई चल रही है, उनमें एक भाजपा कार्यकर्ता और दूसरा कांग्रेस नेता बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार टीम ने इनके भोपाल, इटारसी, मुंबई और हैदराबाद के ठिकानों पर कार्रवाई की। बताया जाता है कि छापे के कुछ ही घंटों में विभाग को एक करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी, 2.5 करोड़ से ज्यादा की ज्वेलरी और 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले।
मनी लॉन्ड्रिंग और रियल एस्टेट में भी
बताया जाता है कि मुकेश कक्कड़ के मुंबई के दादर स्थित आवास पर जब टीम पहुंची तो वह नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि वह लंदन गए हैं। कक्कड़ और गोयल के कारोबारी सहयोगी रवि तिवारी और चन्नी रंधावा के यहां भी यह कार्रवाई हुई।
यह ग्रुप इटारसी में रेलवे का सबसे बड़ा कांट्रेक्टर है। इसके साथ ही यह मनी लॉन्ड्रिंग और रियल एस्टेट कारोबार में भी सक्रिय है।
मुंबई वाले घर पर भी छापा
इससे पहले आयकर विभाग के नए प्रिंसिपल डॉयरेक्टर (इंवेस्टिगेशन) पतंजलि झा की अगुवाई में 100 सदस्यीय टीम ने यह छापे की कार्रवाई शुरू की। छापे का केंद्र इटारसी था।
यहां इसके 10 ठिकाने थे। इसके तीन ठिकाने मुंबई में बताए जा रहे हैं जिसमें दादर स्थित घर भी शामिल है जहां मुकेश कक्कड़ रहता है।
कोचिंग फैकल्टी बनकर पहुंची आयकर की टीम
कार्रवाई को लेकर अफवाह न फैले, इसलिए इटारसी गई टीम ने स्वयं को कोचिंग फैकल्टी बताया। वह रात्रि को ही इटारसी पहुंचकर होटल्स में चेक इन हुई। टीम के सदस्यों ने बताया कि वे एक कोचिंग संस्था से जुड़े हैं। उसके सेमिनार के लिए यहां आए हैं।
कार्रवाई के पीछे चुनावी राजनीति
कारोबारी एथेनाल के कारोबार से जुड़े हैं। इसके साथ ही वे रेलवे केटरिंग, साहूकारी और रियल एस्टेट का कारोबार करते है। विभाग को बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की सामने आने का अनुमान है।
बताया जा रहा है कि गोयल दो साल पहले 400 करोड़ रुपए की शराब फैक्ट्री लगाने जा रहे थे लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इसकी इजाजत नहीं दी। इस पूरी कार्रवाई को मप्र में होने वाले चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। आयकर विभाग की एक विशेष टीम चुनाव के दौरान नकदी की धरपकड़ में लगाई गई है।
इटारसी के दो ठेकेदारों सहित उनके 13 ठिकानों पर विभाग ने जांच शुरू की है। पहले ही दिन एक करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज और सोना-चांदी के जेवरात मिले हैं। जांच आगे भी जारी रहेगी।
- पतंजलि झा, प्रिंसिपल डायरेक्टर, आयकर विभाग (इन्वेस्टीगेशन)
Updated on:
28 Sep 2018, 12:13 PM IST
Published on:
28 Sep 2018, 12:13 PM IST
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