
भोपाल. अगर आप कॉपरेटिव बैंक में मेनेजर बनने की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। सरकार ने सहकारी बैंकों के भर्ती नियम बदलते हुए तय किया है कि अब भर्ती के लिए प्री-एग्जाम नहीं होगा, सरकार ने वर्तमान में हो रही भर्ती पर भी रोक लगा दी है। सहकारी बैंक में भर्ती पहले पीईबी द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर की जाती रही है।
मध्य प्रदेश सरकार ने अपेक्स बैंक भर्ती प्रक्रिया में सहकारिता विभाग बदलाव करने की तैयारी शुरु कर दी है। अपेक्स बैंक सहित अन्य सहकारी बैंकों में महाप्रबंधकों, प्रबंधकों के पदों पर भर्ती के लिए प्री-एग्जाम नहीं होगा। एक बार की परीक्षा में मेरिट के आधार पर नौकरी पर रखा जाएगा। भर्ती परीक्षा की जिम्मेदारी इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनेल सिलेक्शनIBPS को ही दी जाएगी।
वर्तमान में सरकार ने अपेक्स बैंक द्वारा की जा रही 104 पदों पर भर्ती प्रक्रिया रोक दी है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने भर्ती में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। इसके अनुसार किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। प्री-परीक्षा नियमों के अनुरूप हुई थी। परीक्षा लॉकडाउन के दौरान आयोजित नहीं की गई थी।
प्रदेशभर में पांच हजार पद खाली
अपेक्स बैंक सहित जिलों के बैंकों कर दिया। इसके बाद अपेक्स में 5405 पद खाली हैं। चार साल बैंक ने भर्तियां आइबीपीएस से पहले इन्हें भरने के लिए व्यापमं कराने का फैसला लिया। चुनाव को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन और कोरोना के चलते तीन साल व्यापमं ने परीक्षा कराने से मना से भर्ती टलती जा रही है।
नीखरा को क्लीनचिट
पूर्व एमडी प्रदीप नीखरा इस माह सेवानिवृत्त हो रहे थे, जबकि भर्ती प्रक्रिया पूर होने में 6 माह लगते। जांच रिपोर्ट में नीखरा को क्लीनचिट दे दी गई है। समिति ने भर्ती प्रक्रिया में व्यवस्था बदलने की बात कही है। कम आवेदन आने की वजह अनुभव और सीनियर पदों पर भर्ती से आवेदन कम आए हैं।
Published on:
17 Jun 2021 08:40 am
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