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सिंधिया का बड़ा बयान, बोले: मेरे परिवार से राजनीति में एक समय में एक ही सदस्य रहेगा

कार्यकर्ताओं से कहा ढाई हजार बायोडाटा आए हैं, लेकिन टिकट पार्टी के लिए काम करने वालों को ही मिलेगा।

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भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद उनके बेटे महानआर्यमान सिंधिया की राजनीति में एंट्री की अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने परिवारवाद को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए कहा कि राजनीति में परिवार का एक ही सदस्य काफी है, जो बिलकुल ठीक है।

सभी लोगों को मौका मिलना चाहिए। ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस बयान के बाद उनके बेटे महान आर्यमन के राजनीति में आने की संभावनाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह बात ग्वालियर प्रवास के दौरान गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कही। उन्होंने नेतापुत्रों को टिकट के सवाल पर उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहता कि किस परिवार को कितने टिकट जाएंगे, लेकिन सिंधिया परिवार में हमेशा से एक समय में एक व्यक्ति राजनीति में रहता है।

हमने पिछले 40 सालों से इसे अपनाया है। पार्टी ने यह अच्छी गाइडलाइन बनाई है। राजनीति में सबको मौका मिलना चाहिए। गौरतलब है कि सिंधिया के पुत्र महानआर्यमान का नाम बार-बार राजनीति में एंट्री के लिए चलता रहा है। अब निकाय चुनाव हो रहे हैं। ऐसे मौके पर पार्टी की नेता-पुत्रों को टिकट न देने की गाइडलाइन के चलते उनके पुत्र की राजनीति पर सवाल उठते रहे हैं।

दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया दो दिन के प्रवास पर गुरुवार को ग्वालियर आए। यहां इस दिन दोपहर में उन्होंने महल में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। सिंधिया से मिलने वालों में नगरीय निकाय चुनाव में भाग लेने वालों की संख्या अधिक थी। उन्होंने यह भी कहा कि ढाई हजार बायोडाटा आए हैं, लेकिन टिकट पार्टी के लिए काम करने वालों को ही मिलेगा।

ज्ञात हो कि ज्योतिरादित्य सिंधिया से पहले उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया और पिता माधवराव सिंधिया अलग-अलग दलों से राजनीति में थे। राजमाता ने अपना आखिरी चुनाव 1998 में गुना लोकसभा सीट से लड़ा था।

इसके बाद स्वास्थ्य कारणों से वे चुनाव नहीं लड़ीं। माधवराव सिंधिया का निधन 2001 में हुआ था, तब वे गुना संसदीय क्षेत्र से सांसद थे। इसके बाद से ही सिंधिया परिवार से ज्योतिरादित्य ही सक्रिय राजनीति में हैं।

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