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बड़ा खुलासा: हनीट्रैप गिरोह के साथ दो टीवी पत्रकारों ने भी निभाई दलाल की भूमिका

- 138 पेज के चालान में सीआईडी ने किए कई सनसनीखेज खुलासे honeytrap bhopal - दो दिग्गज मंत्रियों के ओएसडी, दो आईएएस और कारोबारियों से की वसूली, कराए मर्जी के काम - मानव तस्करी करके मोनिका को बनाया हनीट्रैप गिरोह honeytrap gang का हिस्सा - श्वेता विजय, आरती, श्वेता स्वप्निल और अभिषेक को बनाया आरोपी

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बड़ा खुलासा: हनीट्रैप गिरोह के साथ दो टीवी पत्रकारों ने भी निभाई दलाल की भूमिका

बड़ा खुलासा: हनीट्रैप गिरोह के साथ दो टीवी पत्रकारों ने भी निभाई दलाल की भूमिका

भोपाल। मध्य प्रदेश के हनीट्रैप गिरोह की ब्लैकमेलिंग में अब एक बड़ी बात सामने आई है जिसके अनुसार मामले में दो टीवी पत्रकारों ने दलाल की भूमिका निभाई। यह पत्रकार हनीट्रैप में लोगों को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाते थे। वहीं इसमें दो दिग्गज मंत्रियों के ओएसडी और वरिष्ठ आईएएस तक हनीट्रैप गिरोह की ब्लैकमेलिंग के शिकार हुए हैं। बड़े उद्योगपति भी फंस चुके हैं।

हनीट्रैप की आरोपी मोनिका यादव की मानव तस्करी के केस में शनिवार को सीआईडी की ओर से पेश चालान में कई?सनसनीखेज खुलासे किए गए हैं। गिरोह ने मानव तस्करी कर लड़कियों को कभी लालच तो कभी भय दिखाकर प्रभावशाली लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।

एसीएस पीसी मीणा, खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के ओएसडी हरीश खरे और खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल के ओएसडी अरुण निगम तक हनीट्रैप का शिकार हुए। गिरोह ने इनके अश्लील वीडियो बनाकर उनसे लाखों रुपए वसूले। तबादले भी कराए। उद्योगपति नरेश सीतलानी, मनीष अग्रवाल और राजेश गंगेले के भी गिरोह ने वीडियो बनाकर उनसे लाखों रुपए वसूले।

इस खेल में पत्रकार वीरेंद्र शर्मा, गौरव शर्मा ने भूमिका निभाई। चालान के मुताबिक गिरोह ने इन पत्रकारों की मदद से ही कुछ लोगों से वसूली की। चालान में श्वेता विजय जैन, आरती दयाल, श्वेता स्वप्निल जैन व अभिषेक को आरोपी बनाया है।

आईएएस से एक करोड़ तो कारोबारी से कार वसूली...
आरती के ड्राइवर देवेंद्र उर्फ दीवान सिंह प्रजापति ने सीआईडी के सामने कबूला कि आरती, रूपा और श्वेता विजय ने आईएएस पी.सी. मीणा, कार शो रूम के मालिक मनीष अग्रवाल और उद्योगपति नरेश सीतलानी के भोपाल एवं छतरपुर में अश्लील वीडियो तैयार किए।

अग्रवाल का वीडियो सागर लैंडमार्क के फ्लैट में बनाया गया। फिर इसी वीडियो से अग्रवाल को ब्लैकमेल करके क्रेटा कार वसूली। आईएएस मीणा ने गिरोह को 20 लाख रुपए और सीतलानी से 5 लाख रुपए वसूले। यह पैसा आरती और रूपा ने आपस में बांटा। एक अन्य आईएएस को भी गिरोह ने शिकार बनाया।

उससे श्वेता विजय ने एक करोड़ रुपए वसूले। इस वसूली में पत्रकार वीरेन्द्र शर्मा ने दलाल की भूमिका निभाई। छतरपुर में स्थानीय नेता मनोज त्रिवेदी के फॉर्म हाउस पर उसके दो साथियों का मोनिका ने वीडियो बनाया। इन्हें भी ब्लैकमेल करना था लेकिन छतरपुर के टीआई ने आरती को ऐसा करने से रोक दिया।

सेहलोत ने वायरल किए आईएएस के वीडियो...
चालान के मुताबिक अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) पीसी मीणा का अश्लील वीडियो बिल्डर एवं मीनाल रेसीडेंसी के मालिक अरूण सेहलोत ने वायरल किया था। इसके बाद मीणा ने हनीट्रैप गिरोह से दूरी बना ली। आरती ने सेहलोत से मोनिका की मुलाकात कराई थी। पहली बार अखबार के दफ्तर में और दूसरी बार अपने घर पर।

श्वेता के साथ प्रीति सिंह, प्रीति यादव, शिखा तिवारी पहले से ही काम करती हैं। आरती और श्वेता विजय, पत्रकार गौरव शर्मा ने एक आईएएस से वसूले एक करोड़ रुपए आपस में बांट लिए।

छतरपुर के बिल्डर का जयपुर में ट्रैप...
चालान के मुताबिक, मोनिका यादव पहली बार भोपाल आई तो नौ दिन तक आरती दयाल के साथ रुकी। गिरोह उसे विमान से जयपुर ले गया। वहां छतरपुर के बिल्डर राजेश गंगेले को गिरोह ने ट्रैप किया।

जयपुर की होटल में पहले से मौजूद गंगेले के साथ मोनिका उसी होटल में रुकी। वहां गंगेले के साथ मोनिका के संबंध बने।?बदले में उसने मोनिका को 1 लाख और आरती को 50 हजार दिए। हालांकि उसे यह पता नहीं चला कि उसके अश्लील वीडियो भी बनाए गए हैं। इसका पता उसे ब्लैकमेल होने के बाद पता। जयपुर से भोपाल लौटकर मोनिका सीधे गांव चली गई।

एक साथ बनाए ओएसडी हरीश खरे और अरुण निगम के वीडियो
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री के ओएसडी हरीश खरे और खनिज मंत्री के ओएसडी अरूण निगम को जाल में फंसाने के लिए आरती ने उन्हें मीनाल रेजीडेंसी स्थित घर में बुलाया।

दोनों ने आरती और मोनिका के साथ पहले शराब पी। फिर उनके अश्लील वीडियो तैयार किए। इन अश्लील वीडियो के बदले खरे और निगम से सरकारी काम कराने की डील हुई।

हाईप्रोफाइल लाइफ high profile life में फंसकर बनी हनीट्रैप की औजार...
देहाती परिवेश में पली-बढ़ी मोनिका को अभिषेक ने शहरी चकाचौंध दिखाकर हनीट्रैप का हिस्सा बनाया। मोनिका जब अभिषेक के संपर्क में आई तो उसने उच्च शिक्षा व सरकारी नौकरी दिलाने के सब्जबाग दिखाए। जब वह आरती और श्वेता विजय के संपर्क में आई तो वह भी शहरी हवा के साथ बहने लगी।

उसका रहन-सहन और पहनावा सब बदल गया। श्वेता ने उसे महंगे मोबाइल और अन्य शौक की दिशा में धकेला। इन महंगे शौक को पूरा करने की कीमत वसूलने के लिए आरोपियों ने मोनिका को हनीट्रैप के जाल में उलझा दिया। शुरूआती दौर में मोनिका एक बिल्डर को फंसाने के बाद वापस गांव चली गई।

अश्लील वीडियो बनाकर किया मजबूर...
श्वेता विजय जैन और आरती दयाल ने मोनिका के भी अश्लील वीडियो बना रखे थे। दोनों ने मोनिका को धमकी दी कि यदि उसने लोगों के अश्लील वीडियो तैयार होने की किसी को जानकारी दी तो वह उसके वीडियो वायरल कर देंगे।

फर्जी आधार कार्ड भी बनवाए...
श्वेता विजय ने तीन अलग-अलग नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा है। आरती दयाल का आरती सिंह और ज्योत्सना सिंह के नाम से आधार कार्ड है। यह अभिषेक ने बनवाया था।

नाम के लिए कॉलेज में दाखिला...
हनीट्रैप गिरोह ने मोनिका को पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज में सिर्फ नाम के लिए दाखिला दिलाया। मोनिका के प्रवेश फॉर्म में आरती ने अपने घर का पता दिया। कॉलेज की फीस आरती और श्वेता विजय भरते थे।

यों फंसे इंदौर के हरभजन जाल में...
इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह का एक अश्लील वीडियो होटल इनफिनिटी और दूसरा होटल श्री में बनाया गया। आरती ने सीमा सोनी नाम से फर्जी पहचान देकर मोनिका की हरभजन से मुलाकात कराई। हरभजन ने बदले में आठ हजार रुपए दिए। आरती ने अश्लील वीडियो के दम पर हरभजन से तीन करोड़ रुपए की मांग की थी।