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भाजपा के लिए अहम है अमित शाह का दौरा, कमलनाथ के गढ़ को भेदने की बनी रणनीति

आदिवासी क्षेत्र में भाजपा का चुनावी अभियान...। कमलनाथ के गढ़ को भेदने की तैयारी...।

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भोपाल

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Manish Geete

Mar 25, 2023

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भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा अब चुनावी मिशन में हैं। देश के गृहमंत्री एवं भाजपा के चाणक्य माने जाने वाले अमित शाह (amit shah) की नजर अब मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा पर है। यह छिंदवाड़ा कमलनाथ का गढ़ माना जाता है। छिंदवाड़ा की विधानसभा की सात सीटें और एक लोकसभा की सीट और नगर निगम और पंचायत सभी पर कांग्रेस का कब्जा है। इसी गढ़ को फतह करने के लिए अमित शाह शनिवार को छिंदवाड़ा में है।

छिंदवाड़ा की जीत भाजपा के लिए चुनौती बन गई है। क्योंकि पिछले चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसदीय सीट का दौरा किया था, लेकिन मोदी लहर के बावजूद 2019 के आम चुनाव में कमलनाथ के पुत्र नकुल नाथ 37 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीत गए थे। यह स्थिति तब भी बनी थी जब 2018 के विधानसभा चुनाव में सातों विधानसभा सीटें कांग्रेस ने जीत ली थी। इससे पहले भी 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के गढ़ में 7 में से 3 सीटें भाजपा जीत पाई थी।

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आदिवासी क्षेत्र है यह

भाजपा के दिग्गज नेता अमित शाह छिंदवाड़ा जिले के हर्रई ब्लाक के आंचलकुंड में दादा धूनीवाले दरबार से चुनावी शंखनाद इसलिए भी कर रहे हैं क्योंकि यह आदिवासियों की आस्था और श्रद्धा का बड़ा केंद्र है। इस स्थान पर 200 सालों से धूनी जल रही है।

2023 और 2024 की है यह तैयारी

भाजपा छिंदवाड़ा के जरिए इसी साल होने वाले विधानसभा और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की रणनीति में लगी है। भाजपा का फोकस ऐसी सीटों पर है जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था या कम अंतर रहा है। छिंदवाड़ा लोकसभा की सीट मध्यप्रदेश में ऐसी एकमात्र सीट थी, जिसमें कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। 1952 के बाद से एक उपचुाव को छोड़ दिया जाए तो इस सीट को भाजपा कभी नहीं जीत पाई है। आदिवासी वोटबैंक वाले इस क्षेत्र में आदिवासी वर्ग ही समीकरण बनाते और बिगाड़ते हैं। 2018 के चुनाव में ही मध्यप्रदेश की 230 सीटों में से 47 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित थी, इनमें से केवल 16 सीट भाजपा जीत पाई थी और 30 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया था, एक पर निर्दलीय जीता था।

कम हो रहा है मार्जिन

छिंदवाड़ा में 2014 में हुए चुनाव में कमलनाथ ने चंद्रभान सिंह को 116537 वोटों से हराया था, लेकिन 2019 में कांग्रेस का यह मार्जिन घटकर 37,536 पर आ गया। यहां से नकुल नाथ जीते थे। अब इसी अंतर को और कम करने की तैयारी में भाजपा जुट गई है।


रणनीति पर एक नजर

कमलनाथ के गढ़ में 40 फीसदी आदिवासी समुदाय है।
आंचलपुर में अमित शाह पूजा करेंगे
आदिवासी धर्मगुरुों के साथ दोपहर का भोजन करेंगे।


विधानसभा सीटों पर नजर

कुल विधानसभा सीटें 230
एससी वर्ग के लिए 35
एसटी वर्ग के लिए 47

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