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लोकसभा चुनाव: दिग्विजय सिंह की बढ़ी मुश्किलें, मंदिर के बाहर बांटे थे 20-20 रुपए के नोट

दिग्विजय सिंह की बढ़ी मुश्किलें, मंदिर के बाहर बांटे थे 20-20 रुपए के नोट

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Mar 31, 2019

digvijya singh

लोकसभा चुनाव: दिग्विजय सिंह की बढ़ी मुश्किलें, मंदिर के बाहर बांटे थे 20-20 रुपए के नोट

भोपाल. भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नोट बांटने का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने उसे आचार संहिता उल्लंघन का मामला बताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है। बता दें कि सीहोर जिले में दिग्विजय सिंह के एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो 20 का नोट बांटते हुए दिखाई दिए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद बीजेपी ने शनिवार को चुनाव आयोग में उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंधन की शिकायत दर्ज कराई है।

मध्य प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष विजेश लुनावत ने आरोप लगाया कि ऐसा करके दिग्विजय सिंह ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंधन किया है। लुनावत ने कहा कि बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने सिंह के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की है कि उन्होंने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटे। कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने बीजेपी की शिकायत पर हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि बीजेपी ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ मंदिर के बाहर दान करने की शिकायत की है। ऐसी शिकायत तो केवल वे ही कर सकते हैं जो दान और धार्मिक कार्य में विश्वास नहीं करते हैं।


भाजपा प्रत्याशी पर भी आचार संहिता उल्लंघन का मामला

भाजपा के दमोह से उम्मीदवार प्रह्लाद पटेल पर भी आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला है। बीते दिनों ही उन पर केस दर्ज किया गया था। दमोह से भाजपा सांसद प्रह्लाद पटेल का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिका कर्ता कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि दमोह से प्रत्याशी बनाए गए प्रह्लाद पटेल का नामिनेशन रोका जाना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले दनों प्रहलाद पटेल पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है। पटेल ने अपने सरकारी आवास पर प्रेस कांफ्रेंस की थी, जिसमें अपनी और भाजपा की उपलब्धियों से भरी किताब पत्रकारों में बांटी थी।

पटेल ने दी सफाई
उधर, मामला असंज्ञेय होने पर पुलिस ने सीजेएम से अनुमति ली और सूचना रिपोर्ट दर्ज की। पटेल ने इस पर सफाई दी थी कि प्रेस कांफ्रेंस के वक्त उन्होंने पत्रिका प्रतिवेदन का कोई उल्लेख नहीं किया था। जानकारी जुटाने के लिए कुछ लोग इसे ले गए थे। पटेल ने बताया कि यह पत्रिका उन्हें 20 फरवरी को प्रधानमंत्री को जमा करनी थी, जो भेज दी गई थी। ये डेमो है, जो बहुत पहले प्रकाशित कराईं गईं थी. चुनाव से इसका कोई लेना-देना भी नहीं है।