
बगावती सुर बन रहे हैं भाजपा-कांग्रेस की राह का बड़ा रोड़ा, मास्टर स्ट्रोक की तैयारी में पार्टियां
भोपालः मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद प्रदेश में सक्रीय सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करने शुरु किये, जो 9 नवंबर को पूर्ण हुए। इस बीच प्रदेश की सत्तारूण पार्टी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सामने बड़े पैमाने में टिकट ना मिलने की नाराज़गी भी दिखी और उस नाराज़गी ने बगावती रूप ले लिया है, जो दोनो ही पार्टियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। जिससे दोनों पार्टियों में बड़ी चिंता दिखने लगी है। नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 14 नवंबर है, इससे पहले दोनों पार्टियां अपनों की वापसी करने की हर मुम्किन कोशिश में लगी हुई हैं। बीजेपी और कांग्रेस ने इसके लिए मास्टर प्लान बना लिया है।
चुनाव के एन वक्त पर इस समस्या से निपटने के लिए प्रदेश कांग्रेस की आलाकान ने दिग्विजय सिंह को नाराज प्रत्याशियों को मनाने की ज़िम्मेदारी सौंपी है। वहीं, बीजेपी भी अब प्लान बी पर काम शुरु ककर चुकी है। कुल करीब 100 सीटों को बागी प्रभावित कर सकते हैं, जिसकी तैयारी करते हुए पार्टी के आला नेताओं से प्रबलता वाले इलाके में नाराजों को खुद मनाने का जिम्मा सौंपा है। इसपर दोनो ही पार्टियों ने काम शुरु भी कर दिया है।
दोनो पार्टियों के बीच विरोधी सुरों को बड़ी चिंताजनक स्थिति कहा जा रहा है। दोनो ही पार्टियों के सूत्रों का कहना है, कि अगर समय रहते इन लोगों को नहीं मनाया गया तो यह लोग नतीजों के समय हर अनुमान को फैल करने में सक्षम हैं, इससे पार्टियों को किसी भी हद का नुकसान हो सकता है। मीडिया बातचीत में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह से इसपर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि, पार्टी से बागी हुए सभी नेता अपने हैं, उन्हें वापस लाया जाएगा। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भी पार्टी से नाराज़ लोगों की लिस्ट सौंपी जा चुकी है। सिंह का कहना है कि, कार्यकर्ताओं का गुस्सा निकलना भी बेहद ज़रूरी है, चाहे जैसे भी निकले, लेकिन वह पार्टी का हिस्सा हैं, यह पार्टी उनका घर समान है, वह सभी जल्दी ही वापस लौटेंगे।
इन नेताओं ने की पार्टियों से बगावत
-बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया ने दमोह और पथरिया से निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है, इससे भाजपा को नुकसान की आशंका है।
-भोपाल के हुजूर से बीजेपी के पूर्व विधायक जीतेंद्र डागा और कांग्रेस नेता विष्णु विश्वकर्मा ने भी अपनी अपनी पार्टियों से नाराज़ होकर निर्दलीय नामांकन कर दिया है।
-बैरसिया से बीजेपी नेता और पूर्व विधायक ब्राहानंद रत्नाकर, इन दिग्गज नेताओं के समर्थकों की बड़ी भीड़ उनके विधानसभा क्षेत्र में सक्रीय है, इसलिए पार्टियां उन्हें मनाने की कवायद में जुटी हुई है।
-भोपाल की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस आरिफ मसूद को टिकट दिया है, इससे नाराज़ होकर बागी हुए नासिर इस्लाम ने निर्दलीय दावेदारी साबित की है।
-जबलपुर उत्तर मध्य सीट से बीजेपी नेता धीरज पटेरिया और कांग्रेस से महेश पटेल ने भी पार्टियों से खफा होकर निर्दलीय नामांकन कर दिया है।
-विदिशा के बीजेपी नेता और पूर्व वित्त मंत्री राघवजी ने शमशाबाद से निर्दलीय फार्म भरा है, पार्टी सूत्रों का मानना है कि, उनके निर्दलीय खड़े होने से पार्टी के मतों में गिरावट आ सकती है।
-ग्वालियर दक्षिण विधानसभा से बीजेपी नेता समीक्षा गुप्ता ने निर्दलीय नामांकन भरा है।
-राजनगर से कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के बेटे नितिन चतुर्वेदी ने सपा का दामन थाम लिया है।
-भिंड से बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने सपा से नामांकन भरकर पार्टी क मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
Published on:
12 Nov 2018 11:48 am
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