
विधानसभा में बेटे को टिकट नहीं मिलने पर पूर्व सांसद लक्ष्मीनारायण यादव ने बीजेपी से दे दिया था इस्तीफा...।
कनेरादेव हत्याकांड में प्रशासन ने आरोपी भाजपा नेता मस्तराम घोषी और उनके परिवार के मैरिज गार्डन और ऑफिस पर बुलडोजर चला दिया। सुबह पहुंची टीम ने निर्माण को अनाधिकृत बता तोडऩा शुरू कर दिया। भाजपा के पूर्व सांसद लक्ष्मी नारायण यादव मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। अफसरों से बहस हुई। बाद में हाइकोर्ट के स्टे की कॉपी देखने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई बीच में ही रोक दी। मामले में अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार हो चुके, एक आरोपी गगन फरार है।
पूर्व सांसद यादव ने निगम आयुक्त राजकुमार खत्री को धौंस दिखाते हुए कहा कि 65 साल राजनीति करते हो गए। ऐसी मनमानी चलेगी क्या? सुप्रीम कोर्ट तक नहीं छोडूंगा। परिवार पर दबाव 28 फरवरी को जमीनी विवाद में भाजपा नेता मस्तराम घोषी और परिजन की मारपीट में निर्मल पटेल (40) की मौत हो गई। आरोपियों ने परिवार पर दबाव बनाया, बिना शिकायत और पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।
मोतीनगर थाना के बहुचर्चित कनेरादेव हत्याकांड के आरोपी घोषी परिवार के निर्माण को हटाने पहुंचा नगर निगम, जिला व पुलिस प्रशासन का अमला आधी-अधूरी कार्रवाई कर वापस लौट आया। इस अधूरी कार्रवाई में जिम्मेदारों की लेटलतीफी उजागर हुई है। क्योंकि निगम ने 7 मार्च को मैरिज गार्डन को अनाधिकृत बताते हुए नोटिस जारी किया था, जिसमें कहा था कि निर्माण को तीन दिन में हटा लें नहीं तो निगम प्रशासन कार्रवाई करेगा। इस नोटिस के बाद निगम, प्रशासन व पुलिस का अमला खुद 10 दिन तक सोता रहा और 11 दिन बाद सोमवार को दलबल के साथ निर्माण हटाने पहुंचा, तब तक गार्डन संचालक ने हाइकोर्ट से स्टे ले लिया।
भाजपा पूर्व सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, उनके बेटे आप नेता सुधीर यादव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष जगन्नाथ गुरैया व कांग्रेस नेता पप्पू गुप्ता समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे व अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। यादव ने तो आयुक्त राजकुमार खत्री को सीधे धमकी दे डाली। बोले कि मुझे राजनीति करते 65 साल हो गए, ऐसा कोई पद नहीं जिस पर न रहा हूं। ऐसी मनमानी चलेगी क्या? सुप्रीम कोर्ट तक नहीं छोडूंगा आपको। व्यक्तिगत रूप से कह रहा हूं, आप समझ लीजिए। ऐसा लग रहा है जैसे पुलिस राज चल रहा।
नगर निगम द्वारा मैरिज गार्डन का निर्माण हटाने को लेकर जारी नोटिस के खिलाफ हत्या के मुख्य आरोपी पप्पू घोषी की पत्नी संध्या घोषी ने जबलपुर हाइकोर्ट में याचिका दायर की। जिसमें आरोप लगाया कि निगम ने यह नोटिस पूरे परिवार को आपराधिक मामले में फंसाने के परिणामस्वरूप जारी किया है और यह दंडात्मक उपाय है। मामले की सुनवाई में निगम ने जवाब दिया कि गार्डन बिना पंजीयन और लायसेंस के संचालित हो रहा है, जो नियमानुसार अनाधिकृत है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए निर्माण को यथास्थिति रखने और बलपूर्वक कार्रवाई न करने का आदेश दिया।
मस्तराम घोषी द्वारा अनाधिकृत मैरिज गार्डन व दुकानों का निर्माण किया गया था। इनके द्वारा निर्मित अनाधिकृत हिस्से को तोडऩे की कार्रवाई की गई है।
-राजकुमार खत्री, नगर निगम आयुक्त, सागर
Updated on:
19 Mar 2024 08:27 am
Published on:
19 Mar 2024 08:26 am
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