
मिशन उपचुनाव के लिए सक्रिए हुए कमलनाथ, सिंधिया के गढ़ में भाजपा का दिया बड़ा झटका
भोपाल. मध्यप्रदेश में होने वाले 27 सीटों के उपचुनाव से पहले नेताओं ने दल बदलना शुरू कर दिया है। ग्वालियर में जहां भाजपा ने तीन दिनों तक महासदस्यता अभियान चलाया वहीं, कांग्रेस ने की नजर भी अब ग्वालियर चंबल क्षेत्र में हैं। मंगलवार को कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में सेंधमारी की। भाजपा नेता सतीश सिकरवार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। माना जा रहा है कि ग्वालियर पूर्व से सतीश सिकरवार कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं।
दरअसल, सतीश सिकरवार ग्वालियर के बड़े नेता माने जाते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ उनके लोगों के आने से सतीश नाराज चल रहे थे। पिछले चुनाव में कांग्रेस के मुन्नालाल गोयल से चुनाव हार गए थे। उपचुनाव में ग्वालियर पूर्व से मुन्नालाय गोयल ही बीजेपी के उम्मीदवार होंगे। अंदरूनी कलह से ग्वालियर-चंबल में जूझ रही बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। चर्चा है कि बीजेपी के कई असंतुष्ट लोग कांग्रेस के संपर्क में हैं।
18 हजार वोट से हारे थे
2018 के विधानसभा चुनाव में सतीश सिकरवार कांग्रेस के मुन्नालाल गोयल से 17,819 वोटों से हार गए थे। एक बार फिर से इस सीट पर गोयल और सिकरवार में ही मुकाबला है। गोयल अब बीजेपी में हैं, तो सिकरवार कांग्रेस में हैं। चर्चा है कि ग्वालियर पूर्व से मुन्नालाल गोयल के खिलाफ कांग्रेस सतीश सिकरवार को ही मैदान में उतारेगी।
इस शर्त में हुई एंट्री?
भाजपा नेता सतीश सिकरवार ने मंगलवार को कमलनाथ की मौजूदगी में कांग्रेस की प्राथमिकता सदस्यता ग्रहण की। यह माना जा रहा हैं कि ग्वालियर पूर्व क्षेत्र से उम्मीदवारी घोषित किये जाने के वादे पर ही सिकरवार दल और विचारधारा बदल रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा से पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल की उम्मीदवारी तय मानी जा रही है। इससे साफ है कि ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव में चेहरे वो ही रहेंगे। केवल उनके चुनाव चिन्ह बदल जाएंगे। मुन्नालाल गोयल इस बार कमल पर और सतीश सिकरवार पंजे के निशान पर चुनाव लड़ने के समीकरण साफ नजर आ रहे हैं।
क्या कहा कमलनाथ ने
कमलनाथ ने कहा- भाजपा के नेता, कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। हम इसे पब्लिसिटी या इवेंट का रूप नहीं देते हैं , यह तो भाजपा की राजनीति है। जनता तो छोड़िए बीजेपी के कार्यकर्ता ही उनसे दुखी हैं, यह मध्य प्रदेश की स्थिति है। हमारी सर्वे रिपोर्ट बहुत अच्छी है, हमें कोई चिंता नहीं है हम सभी सभी सीटें जीतेंगे।
Updated on:
08 Sept 2020 12:29 pm
Published on:
08 Sept 2020 12:20 pm
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