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हाथ थामे स्कूल छोड़ने जाते थे शाहनवाज, बर्थडे पर किया था शादी के लिए प्रपोज

एक दिन अचानक शाहनवाज रेणु के घर पहुंच गए और उनके घर वालों से मिले।

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Nitesh Tiwari

Sep 20, 2016

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भोपाल। केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट पर BJP के वरिष्ठ नेताओं की नजर बनी हुई है। नजमा की यह सीट अल्पसंख्यक कोटे की है, इसलिए इस रेस में शाहनवाज हुसैन का नाम सबसे आगे है। शाहनवाज भी अल्पसंख्यक कोटे से हैं। हाल ही में उनके भोपाल दौरे को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। बहरहाल हम यहां बता रहे हैं शाहनवाज की लव स्टोरी...
शाहनवाज हुसैन की लव स्टोरी की शुरुआत दिल्ली में हुई थी। वे तब बस से कॉलेज जाया करते थे और उनकी वाइफ रेणु उसी बस से स्कूल। बस में मुलाकात के बाद दोनों में बातें होने लगी। कुछ दिनों तक ये सिलसिला यूं ही चलता रहा। एक दिन अचानक शाहनवाज रेणु के घर पहुंच गए और उनके घर वालों से मिले। इसके बाद तो रेणु के घर आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया। रेणु के घर जाने-आने से वो उनकी फैमिली के क्लोज होते गए।

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हाथ थामे स्कूल छोड़ने जाते थे शाहनवाज
एक इंटरव्यू में रेणु ने बताया था कि शाहनवाज रोज उनका हाथ थामकर उन्हें स्कूल तक छोड़ने जाते थे। शादी के बाद रेणु की एक गवर्नमेंट स्कूल में जॉब लग गई, जबकि शाहनवाज अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत कर रहे थे।


लव स्टोरी के नौ साल बाद शादी
शाहनवाज को अपनी लव स्टोरी से शादी तक के समय में नौ साल लग गए। 1994 में दोनों ने शादी कर ली। शाहनवाज एक मुस्लिम परिवार से थे और रेणु एक हिंदू परिवार से। इस बात की टेंशन हमेशा दोनों को रहती थी, लेकिन इन्होंने अपने रिलेशन को पूरा टाइम दिया। रेणु की फैमिली पहले इसके खिलाफ थी पर बाद में उन्होंने इस रिश्ते को स्वीकारा। शाहनवाज की फैमिली ने उनकी पसंद पर भरोसा किया और पूरी तरह उनका साथ दिया।

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रेणु के मोबाइल और लैंडलाइन नंबर के लास्ट में आता है 786
रेणु को कविता लिखने का शौक है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि हमारे घर में हिंदू और मुस्लिम दोनों कल्चर फॉलो होते हैं। ये एक इत्तफाक ही है कि मेरे मोबाइल नंबर और लैंडलाइन दोनों में ही लास्ट में 786 आता है।

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