23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Assembly Election- अब वोटों के लिए कसाई देख रहे हैं गाय की रक्षा का सपना: भाजपा विधायक

कांग्रेस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का तंज...
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 11 Nov 2018, 6:39 PM IST

mla rameshwar sharma

MP Assembly Election- अब वोटों के लिए कसाई देख रहे हैं गाय की रक्षा का सपना: भाजपा विधायक

भोपाल। कांग्रेस ने 28 नवंबर को मध्‍य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के मद्देनजर शनिवार को अपना घोषणापत्र जारी किया है। इसमें अनेक वादों के साथ ही हर ग्राम पंचायत में गोशाला बनाने का भी वादा किया गया है।

वहीं इसमें व्यापम बंद करने से लेकर शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखायें लगाने पर प्रतिबंध लगाने और शासकीय अधिकारी व कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी आदेश निरस्त करने की बात भी कही गई है।

जानकारों की माने तो कांग्रेस का ये वचन पत्र भाजपा को किसी भी हाल में रास नहीं आ रहा है, वहीं आरएसएस को लेकर की गई बात से भाजपा बुरी तरह से बौखालाई हुई है। इसके अलावा वचन पत्र गोशाला की बात कई भाजपा नेताओं के गले से नीचे नहीं उतर रही है।

जिसके बाद गोशाला बनाने का वादा पर तंज कसते हुए भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रामेश्‍वर शर्मा ने कहा कि अब कसाई भी वोटों के लिए गायों की रक्षा का ख्‍वाब देख रहे हैं।

इनका पाखंड देखिए कि केरल में कैमरे के सामने जहां कांग्रेस कार्यकर्ता गाय का वध करते हैं, वहीं यहां कांग्रेस खुद को गो-सेवक के रूप में पेश कर रही है।

RSS पर ये...
वचन पत्र में कहा गया है कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई तो आरआरएस के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। कांग्रेस के बटन पत्र में लिखा है, अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो 'शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखायें लगाने पर प्रतिबंध लगायेंगे और शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी आदेश निरस्त करेंगे।' घोषणा पत्र के 80वें पन्ने पर 47.62 में इसका जिक्र किया गया है।

घोषणा पत्र में सॉफ्ट हिन्दुत्व की झलक देखने को मिली, लेकिन साथ ही कांग्रेस ने राज्य की सरकारी इमारतों और परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी कि RSS की शाखाओं पर पाबंदी लगाने की घोषणा कर पार्टी और अध्यक्ष राहुल गांधी के उन दावों को और मजबूत कर दिया जिसमें वो RSS पर नफरत फैलाने के आरोप लगाते रहे हैं।


व्यापम करेंगे बंद...
जारी वचनपत्र में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा कहा गया है कि यदि मप्र में कांग्रेस की सरकार बनी तो व्यापमं को बंद कर इसके बदले सरकारी सेवाओं में चयन के लिए नई व्यवस्था बनाई जाएगी।

इसके अनुसार कांग्रेस की सरकार बनने पर राज्य कर्मचारी चयन आयोग का गठन कर प्रदेश में शासकीय, सार्वजनिक उपक्रम और निकायों के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती की जाएगी।
साथ ही जिला स्तर पर सभी विभागों में गैर-राजपत्रित तृतीय श्रेणी के पद संभागीय संवर्ग और चतुर्थ श्रेणी के पद जिला संवर्ग में मानते हुए भर्ती की जाएगी।

इसके अलावा वर्ष 2008 से 2018 तक आयोजित व्यापमं, पीएमटी, डीमेट एवं अन्य परीक्षाओं से प्रभावित प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों द्वारा जमा शुल्क वापस करने की बात भी कांग्रेस ने कही है। साथ ही प्रदेश के मूल निवासियों को शासकीय सेवाओं में प्राथमिकता देने का भी जिक्र पार्टी ने किया है।

वहीं कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में यह कतई नहीं बताया कि सरकारी सेवाओं के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए वो कौन सा फार्मूला अपनाएगी।


किसानों के कर्ज की माफी का वादा...
इसके अलावा कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र में वादा किया कि प्रदेश में सत्ता में आने पर किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए जाएंगे। इसके साथ ही कांग्रेस ने मंदसौर पुलिस गोली कांड की पुन: न्यायिक जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की भी घोषणा की है।

इसके अलावा कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को वेतन अनुदान देने का भी वचन दिया है।

अपने वचन पत्र में कांग्रेस ने प्रदेश में 50 करोड़ रुपये के निवेश और प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को पांच वर्ष के लिए 10,000 रुपये वेतन अनुदान देने और विवेकानंद युवा शक्ति निर्माण मिशन के तहत टूरिस्ट गाइड, अधिवक्ता या आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्र में नया कार्य करने वालों को पांच वर्ष तक 4,000 रुपये प्रतिमाह सहभागिता प्रोत्साहन राशि देने का वादा भी किया गया है।

कांग्रेस ने प्रदेश में सत्ता में आने के बाद युवाओं की समस्याओं पर विशेष ध्यान देने के लिये युवा आयोग के गठन की भी घोषणा की है। कांग्रेस ने स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों को जीएसटी में राहत देने की बात भी कही है।