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शाह के निर्देश पर आए रामलाल, दृष्टिपत्र समिति की बैठक शुरू

शाह के निर्देश पर आए रामलाल, दृष्टिपत्र समिति की बैठक शुरू

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BJP's national organization General Secretary Ram Lal

भोपाल. भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल शुक्रवार देर शाम भोपाल पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक वे पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर अचानक आए हैं। रामलाल विमानतल से सीएम हाउस पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंत्रणा की। इसके बाद भाजपा कार्यालय पहुंचे।

शनिवार को रामलाल भाजपा कार्यालय में करीब 10 बजे पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं से चुनाव प्रबंधन को बैठक की। प्रदेश भाजपा कार्यालय में दृष्टिपत्र समिति की बैठक में चुनाव प्रबंधन से जुडी समितियों की मेराथन के कामकाज की समीक्षा की जा रही है।

बैठक में सुहास भगत, मंत्री गौरी शंकर बिसेन, उमाशंकर गुप्ता, रघुनंदन शर्मा, विक्रम वर्मा, अर्चना चिटनिश, संसद प्रह्लाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते, अजय बिश्नोई, अजय प्रताप सिंह, दीपक विजयवर्गीय सहित भाजपा कार्यकर्ता शामिल हैं।

शिवराज ने किया विशेषाधिकार का प्रयोग
इधर, मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, बाबूलाल गौर और कैलाश जोशी को सरकारी बंगले नए सिरे से आवंटित कर दिए हैं।

इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग किया। ये बंगले तीन साल के लिए दिए गए हैं। वहीं, शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर मेहरबानी नहीं दिखाई। अब उन्हें हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए बंगला खाली करना होगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला रखने की पात्रता थी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के पालन में सरकार ने इनका आवंटन रद्द कर दिया और दोबारा सरकारी निवास देने की प्रक्रिया अपनाई गई। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को 19 जुलाई तक सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को 19 जुलाई तक सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए थे।

दिग्विजय ने कार्यालय के लिए मांगा स्थान
दिग्विजय सिंह ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि उनको कैबिनेट मंत्री का दर्जा है। उनके पास स्टॉफ भी है, इसलिए उनको कार्यालय उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ये भी कहा गया है कि वे एक माह में सरकारी निवास खाली कर देंगे। वहीं, सांसद ’योतिरादित्य सिंधिया ने सरकारी आवास की मांग की है, उनके आवेदन पर अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है।