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भाजपा को अटल और राजमाता का सहारा, मध्यप्रदेश और 2019 के लिए बनाई खास रणनीति

राजमाता विजयाराजे सिंधिया भाजपा की संस्थापक सदस्य थीं।

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भाजपा को अटल और राजमाता का सहारा, मध्यप्रदेश और 2019 के लिए बनाई खास रणनीति

भोपाल. मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवबंर में प्रस्तावित हैं। प्रदेश के दौ मुख्य दल भाजपा और कांग्रेस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा की तरफ से चुनाव प्रचार की कमान संभाले हैं तो कांग्रेस की तरफ से खुध पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ-साथ पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमान संभाल रखी है। विधानसभा चुनाव के ठीक बाद देश में लोकसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में भाजपा रणनीति के तहत काम कर रही है।


राजमाता का लिया सहारा: भारतीय जनता पार्टी लगातार चौथी बार राज्य की सत्ता हासिल करने की कोशिश में जुटी है। इसके लिए बीजेपी ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्मशती समारोह मनाने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि भाजपा एक रणनीति के तहत ऐसा कर रही है। प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया का के बढ़ती लोकप्रियता भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। कांग्रेस सांसद और ग्वालियर रियासत से ताल्लुक रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की ओर से बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। दोनों ही दल राजवाड़े की छवि को भुनाने में लगे हैं। इसी कराण से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राजनाता की जन्मशती समारोह मानाने का निर्णय लिया है।

यशोधरा और वसुंधरा को भी मनाने की कवायद: राजमाता विजयाराजे सिंधिया भाजपा की संस्थापक सदस्य थीं। सरकार द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह समारोह 11 अक्टूबर 2018 से 11 अक्टूबर 2019 तक चलेगा। प्रदेश के राजनीतिक जानकारों का कहना है भाजपा राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और शिवराज सरकार की कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की नराजगी को भी दूर करना चाहती है। यशोधरा राजे कई बार राजमाता सिंधिया को नजार अंदाज किए जाने का आरोप भी सरकार पर लगा चुकी हैं। हाल ही में यशोधरा ने कहा था कि भोपाल एम्स का नाम अटल बिहारी वाजपेयी की जगह राजमाता के नाम पर होना चाहिए।

अटल का भी सहारा: इस विधानसभा चुनाव में भाजपा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम का भा सहारा ले रही है। भोपाल में आयोजित कार्यकर्ता महाकुंभ के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, यह चुनाव इस बार प्रदेश की मिट्टी के सच्चे सपूत अटल बिहारी वाजपेयी के बिना लड़ा जाएगा। मोदी ने अपनी भाषण में कई बार मोदी और राजमाता सिंधिया का नाम लिया था।

ग्लावियर चंबल संभाग पर भी नजर: ग्वालियर-चंबल संभाग में 34 विधानसभा सीटें हैं। श्योपुर, विजयपुर, संबलगढ़, जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह, अटेर, भिंड, लहार, मेहगांव, गोहद, सेवढ़ा, भांडेर, दतिया, ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर, ग्वालियर ईस्ट, ग्वालियर साउथ, भितरवार, डबरा, करेरा, पोहरी, शिवपुरी, पिछोर, कोलारस, बमोरी, गुना, चाचौड़ा, राधौगढ़, अशोकनगर, चंदेरी और मुंगावली।