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छोटे किसान हैं पति, अपने दम पर बनाई पहचान, जानिए सावित्री ठाकुर के संघर्ष की दास्तां

BJP ticket to former Dhar MP Savitri Thakur सावित्री ठाकुर ने अपने दम पर कठिन संघर्ष कर राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्र में पहचान बनाई।

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कठिन संघर्ष कर राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्र में पहचान बनाई

BJP ticket to former Dhar MP Savitri Thakur - बीजेपी ने लोकसभा चुनावों के लिए अपने प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इसमें धार लोकसभा से सावित्री ठाकुर को टिकट दिया गया है। सावित्री पूर्व में धार लोकसभा क्षेत्र से सांसद former Dhar MP Savitri Thakur रह चुकी हैं। उन्होंने भाजपा के टिकट पर 2014 का चुनाव लड़ा था जिसमें जीतकर लोकसभा पहुंची थी। सावित्री के परिवार में कोई भी राजनीति में नहीं था। उनके पति साधारण किसान हैं। सावित्री ठाकुर ने अपने दम पर कठिन संघर्ष कर राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्र में पहचान बनाई।

2014 में उन्होंने अपने निकटतम कांग्रेसी प्रतिद्वंद्वी उमंग सिंघार को हराया था। सांसद बनने से पहले 2004 से 2009 तक वे जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यभार संभाल चुकी थीं। सावित्री उद्योग पर बनी संसदीय समिति की भी सदस्य रह चुकी हैं।

राजनीति में आने से पहले सावित्री ठाकुर ने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम शुरु किया। वे एक एनजीओ वैशप की को-ऑर्डिनेटर के रूप में सेवा करती रहीं। उनके पति एक किसान हैं जबकि पिता राज्य वन विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। परिवार में कोई भी राजनीति में सक्रिय नहीं था। हालाँकि वे और उनका परिवार लंबे समय से आरएसएस से जुड़ा है। 16वीं लोकसभा चुनाव उनका पहला बड़ा चुनाव था जो उन्होंने जीता भी।

चुनाव में जीत की सबसे दमदार टिप्स
उनका मानना है कि संसद की प्राथमिक जिम्मेदारी प्रभावी कानून बनाना और देश को मजबूत बनाना है। सावित्री का कहना है कि उन्हें लोगों की समस्याएं कम करने में बहुत खुशी मिलती है। इस काम में वे ऐसी रमी हैं कि किताबों, फिल्मों और खेल आदि के लिए समय ही नहीं मिला। वे
धनबल की राजनीति की विरोधी हैं। सावित्री का कहना है कि आमजन से जुड़ाव ही नेता को चुनाव जिताता है। आप पैसे से वोट नहीं खरीद सकते।

जन्मतिथि— 1 जून 1978
परिवार— पति तुकाराम ठाकुर और दो बेटे
योग्यता— 10वीं पास
व्यवसाय— कृषि

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