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भाजपा ने कांग्रेस से छीना वार्ड-41, रेहान सिद्दीकी 2620 वोट से जीते

- निर्दलीयों ने बिगाड़ा कांग्रेस का गणित, सुबह एक घंटे में ही हो गई मतगणना, - जुलाई 2023 में कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सगीर की मृत्यु के बाद खाली हो गया था वार्ड

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भाजपा ने कांग्रेस से छीना वार्ड-41, रेहान सिद्दीकी 2620 वोट से जीते

जुलाई 2023 में कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सगीर की मृत्यु के बाद खाली हो गया था वार्ड

भोपाल. भाजपा ने कांग्रेस से वार्ड-41 छीन लिया है। पार्षद के उपचुनाव में भाजपा के डा. रेहान सिद्धीकी 2620 वोट से जीत गए। कुल 4873 वोट मिले। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के मोहम्मद फहीम को 2253 वोट से संतोष करना पड़ा। यहां खड़े हुए निर्दलीयाें ने कांग्रेस का गणित बिगाड़ दिया। निर्दलीय अहमद अकबर खान को 2164 वोट मिले हैं। ये कांग्रेस के वोट से थोड़ा पीछे ही रह गए। इससे कांग्रेस के हाथ से ये वार्ड छिन गया। यह सीट जीतने के बाद अब निगम में भाजपा में 59 पार्षद हो गए हैं। कांग्रेस के 21 और 5 निर्दलीय पार्षद रह गए हैं।

सुबह नौ बजे छोटी जेल पर शुरू हुई मतगणना एक घंटे में ही समाप्त हो गई। जीत के बाद मंत्री विश्वास सारंग और महापौर मालती राय भी मतगणना स्थल पर पहुंचे। मंत्री सारंग की मौजूदगी में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सिद्धीकी को सर्टिफिकेट दिया। बाहर निकलते समय उनके समर्थकों ने नारेबाजी भी की।

मोहम्मद सगीर पांच बार चुनाव लड़े, चार जीते, तीन बार बदले वार्डकांग्रेस के मोहम्मद सगीर नगर निगम परिषद में सबसे वरिष्ठ पार्षद थे। पांच बार पार्षद का चुनाव लड़े और चार बार जीते। दो बार नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैैं। वार्ड क्रमांक 43 से वे दो बार पार्षद रहे। एक बार वार्ड 44 और अब वार्ड 41 से पार्षद बने थे। वे एक बार सुभाष नगर क्षेत्र वाले वार्ड 40 से चुनाव लड़े और हारे थे। सगीर ऐशबाग से लेकर जेल पहाड़ी रोड, अफजल कॉलोनी, जिंसी, पुल बोगदा, एमपी नगर तक के क्षेत्रों में प्रभाव रखते थे। 2014 में तो नगर निगम परिसीमन में सगीर के वार्ड को बांटकर अन्य वार्डों में मिला दिया, बावजूद इसके वे नए क्षेत्र वाले वार्ड 43 से जीत गए थे। 2022 में सगीर के लिए वार्ड 41 नया था और वे इसमें भी जीते थे। हालांकि उन्हें तीसरी बार नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाया गया था।

निर्दलीयों ने बिगाड़ा कांग्रेस का गणित, सुबह एक घंटे में ही हो गई मतगणना