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Black Mamba: मिनटों में मौत की नींद सुला देता है ‘ब्लैक माम्बा’, जान बचने पर हो जाते हैं लकवे का शिकार

Black Mamba: दुनियाभर में सापों की अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं दोस्तो। उन्हीं में से एक है ब्लैक माम्बा। यह अफ्रीका के घने जंगलों में पाए जाता है। ब्लैक मम्बा काले रंग का नहीं बल्कि हरे रंग का और ग्रे रंग का होता है। यह सांप इतना खतरनाक होता है कि इसका एक मिलीग्राम जहर ही इंसान को मारने करने के लिए काफी होता है।

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Black Mamba

हर साल होती है 20 हजार लोग की मौत

ब्लैक माम्बा की लम्बाई 2 से 3 मीटर तक हो सकती है। दुनिया का सबसे बड़ा ब्लैक माम्बा 4 मीटर का पाया गया था। इसके भागने की गति लगभग 20 किलोमीटर प्रतिघंटे होती है। ब्लैक माम्बा के काटने पर हर साल अफ्रीका में करीब 20 हजार लोग की मौत हो जाती है। यदि किसी इंसान को ब्लैक माम्बा के काटे जाने के बाद 10 से 15 मिनट के दौरान उपचार नहीं मिले तो उसका जीवित रहना मुश्किल है। अगर कोई इंसान बच भी जाए तो वह लकवे का शिकार हो जाता है। एक बार में मादा माम्बा करीब 8 से 26 अंडे देती है। ब्लैक माम्बा काले रंग का नहीं बल्कि हरे रंग का और ग्रे रंग का होता है। इसके मुंह के अंदर का हिस्सा बेहद काला होता है। बस इसी वजह से इसे ब्लैक माम्बा कहते है।

15 वर्ष तक जीवित रहता है यह सांप

ब्लैक माम्बा का जीवनकाल आमतौर पर 11 से 15 वर्ष का होता है। इसका वजन करीब 1.8 किलोग्राम तक होता है। ब्लैक माम्बा हरे रंग के भी होते हैं, इसलिए जंगल में इन्हें देख पाना मुश्किल होता है। ये अपने शिकार पर अचानक आक्रामक हमला करता है। यह अपने शिकार पर अटैक करते समय 90 डिग्री पर खड़ा हो जाता है। इसका मुख्य भोजन चींटी, चूहा, दीमक आदि होते हैं। यह अपने आप को पेड़ों की शाखाओं में छिपा कर रखता है। ब्लैक माम्बा की आंखों परपलकें नहीं होती हैं। इसके जबड़े बहुत लचीले होते हैं। इसकी वजह से शिकार को निगलने में आसानी होती है। माम्बा के जहर की मांग दुनिया भर में है, क्योंकि इसके जहर से लोग एंटी वेनम बनाकर करोडों रुपए कमाते हैं।

मध्यप्रदेश में सांपों की प्रजातियां

बताया जाता है कि सांप लोगों को बिना मतलब नहीं डंसते। खतरा महसूस होने पर सेल्फ डिफेंस में डंसते हैं। भारत में सांप की 276 प्रजाति हैं। इसमें से 36 प्रजाति मप्र में हैं। एक्सपर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में पाया जाने वाला रसल वाइपर सांप सबसे जहरीला होता है। इसके काटने से खून की नलियां जगह-जगह पंक्चर हो जाती है। सबसे पहले इसका असर नाजूक अंगों किडनी, हार्ट व फेफड़े की खून की नलियों पर पड़ता है। साथ ही यहां पर ब्लैक कोबरा, करैत सांप, स्केल्ड वाइपर सांपों की खतरनाक प्रजातियां पाई जाती है। वनों में पाया जाने वाला सांप मानव बस्तियों के आसपास रहना पसंद करता है। इसका जहर हिमोटॉक्सिक होता है।

सांप के काटने पर क्या करें

- किसी व्यक्ति को सांप काटने पर सबसे पहले उसे सीधा लेटा दें, और बि‍ना विलंब किए जल्द से जल्द अस्पताल ले जाने का प्रयास करें।

- सांप को अच्छी तरह देखने और पहचानने की कोशिश करें। ताकि सांप का हुलिया बताने से चिकित्सक को इलाज करने में आसानी हो।

- सांप के काटने पर पीड़ित को शांत रहना चाहिए, पैनिक करने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है जिससे जहर तेजी से शरीर में फैलता है। इसलिए मेडिकल मदद के पहुंचते तक पीड़ित को शांत रहना चाहिए।

- शरीर के जिस हिस्से पर सांप ने काटा हो उसे स्थिर रखें।

- सांप काटने के बाद घाव को धोने, घरेलू इलाज करने में समय नष्ट करने की बजाए उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं।

- काट कर चूसने जैसे उपाय न करें, न ही दबाव डालने वाली पट्टी बांधें। ये दोनों बिलकुल भी कारगर नहीं हैं।