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भोपाल। मध्यप्रदेश के भाजपा नेता सुशील वासवानी के बैरागढ़ स्थित महानगर सहकारी बैंक में नोटबंदी के बाद करोड़ों रुपए जमा हुए। इनमें एक करोड़ रुपए से ज्यादा जमा करने वालों की संख्या करीब एक दर्जन है। आयकर विभाग की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। उधर वासवानी के लॉकरों से मिले सोने का वजन 2.6 किलो बताया गया है। छापे की कार्रवाई के पांचवे दिन सभी प्रतिष्ठानों पर पड़ताल खत्म हो गई। महानगर बैंक में नोटबंदी के बाद रुपए जमा करने वालों को पकडऩे के लिए विभाग ने अलग रणनीति अपनाई है।
आयकर विभाग पहले करोड़ों रुपए बैंक में जमा करने वालों का रिकॉर्ड खंगालेगा। इसके बाद लाखों रुपए जमा करने वालों से पूछताछ करेगा। सूत्रों का कहना है कि जांच में कुछ बड़े नाम भी सामने आए हैं, लेकिन अधिकारी खुलासा नहीं कर रहे।
बैंक के बाहर पुलिस पहरा होने से उन लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जिन्होंने बैंक में कालाधन जमा किया है। ऐसे ग्राहकों में बिल्डर, नेता से लेकर हवाला, शराब कारोबारी तक की जानकारी विभाग को मिल रही है। बताया जाता है कि ऐसे लोगों में भय बन गया है कि कहीं उनके खातों की जानकारी सार्वजनिक नहीं हो जाए। ऐसी स्थिति में जरूरतमंद लोग भी बैंक जाने से बच रहे हैं।
इनका कहना है...
वासवानी के महानगर बैंक में चल रही कार्रवाई रात तक खत्म हो गई। सर्च के दौरान प्रॉपर्टी में निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं। इनका खुलासा अभी नहीं किया जा सकता।
- आरके पालीवाल, प्रधान आयकर निदेशक इनवेस्टीगेशन (मप्र-छग)