
अजनाल डैम में नगर निगम ने डलवा दिया कचरा
भोपाल. बड़ा तालाब किनारे कचरा फेंकने के बाद अब नगर निगम के अमले ने अजनाल डैम के वेटलैंड में कचरा फेंकना शुरू कर दिया है। रातों रात यहां पर सैकड़ों ट्रक कचरा डाल दिया गया। ऐसा लग रहा है कि डैम को पूरा जा रहा है। खास बात यह भी है कि इसमें प्लास्टिक कचरे के साथ आरडीएफ वेस्ट भी है जो कचरे के निस्तारण के बाद अंतिम अपशिष्ट बचता है और किसी काम का नहीं होता है। इससे यहां पर अजनाल नदी और बांध का पानी दूषित होने के साथ पास में ही लगे जंगल के जानवरों और जलीय जंतुुओं की जान को भी खतरा पैदा हो गया है।
पत्रिका प्रतिनिधि ने पर्यावरणविद डॉ सुभाष सी पांडे के साथ मौके का निरीक्षण कर वास्तविक िस्थति देखी। रायसेन रोड पर बिलखिरिया थाने के बिल्कुल सामने से रामगढ़ के लिए एक संकरा और कच्चा रास्ता गया हुआ है। करीब डेढ़ किमी अंदर ही अजनाल डैम बना हुआ है जिसके अधिकांश हिस्से में अभी भी पानी भरा हुआ है। रास्ते के दूसरी तरफ पहाड़ी है जिस पर सघन जंगल है। रास्ते और जंगल के बीच में करीब 5 फीट की तार फेंसिंग है। अजनाल नदी पर बने डैम का का शुरूआती हिस्सा कुछ सूख गया है लेकिन वहां की मिट्टी अभी भी नम है और वहां जलकुंभी बनी हुई है। वहीं पर जेसीबी मशीनों से अंदर जाने का रास्ता बनाया गया और वहां सैकड़ों ट्रक कचरा डाला गया है। कचरा डाले जाने की गवाही रास्ता भी देता है क्योंकि पूरे रास्ते पर भी पन्नियां और अन्य कचरा बिखरा पड़ा है। गौरतलब है कि इसके पहले बड़ा तालाब किनारे भी खानूगांव में नगर निगम ने कचरा डलवा दिया था। जिसमें आग लगने से आसपास के सैकड़ों पेड़ जल गए थे। पत्रिका ने प्रमुखता से यह मुद्दा उठाया था और डॉ पांडे ने शासन स्तर पर शिकायत की थी। इसके बाद नगर निगम ने यह पूरा कचरा हटवाया था।
अवैध कब्जे की हो सकती है साजिश
पर्यावरणविद डॉ पांडे ने िस्थति देखकर कई प्रकार की संभावनाएं प्रकट की। उनका कहना है कि यह डैम को पूरने की साजिश दिखाई दे रही है। क्योंकि यहां व्यविस्थत तरीके से पहले सामान्य पन्नियाें वाला कचरा डाला गया है और उसके ऊपर आरडीएफ वेस्ट डाला गया है। इसे डालकर अवैध कब्जा कराने की मंशा भी हो सकती है। आरडीएफ वेस्ट को ठिकाने लगाने की साजिश भी हो सकती है। क्योंकि आसपास काफी फार्महाउस बने हुुए हैं और यह स्थान काफी सुंदर है। एक तरफ जहां डैम है वहीं दूसरी ओर घना जंगल है। लेकिन पर्यावरण की दृष्टि से यह ठीक नहीं है। क्योंकि इतना जहरीला कचरा डालने से डैम के जलीय जंतुओं पर बुरा असर पड़ेगा। इसके साथ नीचे कोई लाइनिंग नहीं होने से आसपास का भूजल भी दूषित हो सकता है जैसा कि भानपुर में हुआ। इसके साथ अजनाल नदी का पानी डैम से होते हुए सीधे बेतवा में मिलता है इसलिए इससे अजनाल के साथ बेतवा भी दूषित होगी। जैसे ही बारिश होगी यह पूरा कचरा डैम में समा जाएगा।
ग्रामवासियों ने शुरू किया विरोध लेकिन बेअसर
बिलखिरिया निवासी मुकेश मेहरा ने बताया कि हनुमान जयंती के एक दिन पहले रात में अजनाल डैम में कचरा डाला गया है। नगर निगम की गाडि़यों ने रात भर यहां कचरा फेंका। दिन में ग्रामीणों ने विरोध किया तो डंपर आना बंद हुए। लेकिन अब कचरा यहां रात में ही फेंका जा रहा है। इसकी बदबू से लोग परेशान हैं, हवा के साथ आसपास के गांवों में बदबू फैल रही है। प्राकृतिक सुंदरता के चलते हम लोग तो परिवार के साथ वहां पर घूमने जाते हैं लेकिन कचने ने वहां की सुंदरता खत्म कर दी है। इसकी शिकायत भी की है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं आदमपुर छावनी के निवासी प्रशांत ठाकुर ने बताया कि जब आदमपुर में कचरा डंप करने के लिए खंती बनी हुई है तो अजनाल डैम में कचरा क्योंकि फेंका जा रहा है यह समझ से परे है। आदमपुर के रहवासी पहले ही परेशान हैं अब अन्य गांवों के लोग भी परेशान हो रहे हैं। नगर निगम को यह कचरा हटवाना चाहिए।
Published on:
20 Apr 2022 10:16 pm
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